गोंडा : वेतन न मिलने से फूटा शिक्षकों का गुस्सा, 23 नवंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का करेंगे घेराव

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Edited By Amrit Vichar
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लेखा कार्यालय में तैनात दो लिपिकों को हटाने की मांग पर कर रहे हैं शिक्षक

गोंडा, अमृत विचार। अक्टूबर माह से वेतन न मिलने से परेशान प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के हजारों शिक्षक अब खुलकर विरोध के लिए तैयार हो गए हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे शिक्षक 23 नवंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। शिक्षक संघर्ष समिति ने सभी शिक्षकों से 23 नवंबर को लखनऊ चलने का आवाह्न किया है।

बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में तैनात करीब 10 हजार शिक्षकों व शिक्षणेत्तर  कर्मचारियों को अक्टूबर महीने से वेतन नहीं मिला है‌। वेतन न मिलने से शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शिक्षक संघर्ष समिति के सह संयोजक गौरव पांडेय का कहना है कि पिछले डेढ़ महीने से वेतन न मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई शिक्षक बैंक लोन की ईएमआई नहीं चुका पा रहे, जबकि कुछ परिवार उपचार न करा पाने की मजबूरी झेल रहे हैं।

वहीं विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह ने लेखा कार्यालय में तैनात दो लिपिकों अनुपम पांडेय व अरुण शुक्ला को जिम्मेदार बताते हुए उनके तत्काल तबादले की मांग की है। आरोप है कि यह दोनो लिपिक कई वर्षों से एक ही पटल पर तैनात हैं और इन पर भ्रष्टाचार के कई मामसे हैं जिसकी एसटीएफ जांच भी कर रही है।

जांच के कारण यह कभी कार्यालय मे भी नहीं बैठते हैं। शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सतीश पांडेय ने कहा कि 23 नवम्बर को राजधानी लखनऊ मे वेतन भुगतान, स्थाई लेखाधिकारी की नियुक्ति, पटल लिपियों पर तबादला नीति लागू कर स्थानांतरण करने की मांग को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जायेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 23 नवंबर तक वेतन जारी नहीं हुआ तो प्रदेश भर में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

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