ध्वजारोहण की तैयारियों के बीच अंधेरे में डूबा हाईवे... शहर छोड़ गांव क्षेत्र में नहीं जल पाईं स्ट्रीट लाइटें
अयोध्या, अमृत विचार: श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद दूसरे बड़े आयोजन की तैयारी है,लेकिन अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर ग्रामीण इलाकें में ओवरब्रिजों पर लगी स्ट्रीट लाइटें बुझी की बुझी ही रह गई। जबकि लगभग छह महीने पहले इनका ट्रायल हो गया था।
श्रीराम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद अयोध्या को वैदिक सिटी बनाने का काम शुरू किया गया। अरबों की परियोजनाएं अब भी चल रही हैं। लखनऊ से अयोध्या आने वाला प्रमुख मार्ग है। सारे वीआईपी सड़क मार्ग से इधर से ही आते हैं। एनएचएआई ने सहादतगंज से अयोध्या के बीच अंडर पास, पुल और स्ट्रीट लाइटों की योजना शुरू की। इसी तरह सहादतगंज से लखनऊ की ओर भी सभी ओवरब्रिजों पर स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने की व्यवस्था की गई। इससे ओवरब्रिज के साथ ही सर्विस रोड की सड़क पर भी प्रकाश किए जाने की व्यवस्था है। शहरी क्षेत्र में यह स्ट्रीट लाइटें कई महीने से दूधिया रोशनी बिखेर रही हैं, लेकिन सहादतगंज से लखनऊ की ओर स्ट्रीट लाइटें लगने के बाद भी अब तक अंधेरा है। जुबेरगंज बाजार के पास बुधवार रात ओवरब्रिज पर लगी लाइटें जल गई थी लेकिन आगे ज्यादातर अंधेरा है।
25 नवंबर को ध्वजारोहण का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। स्वाभाविक है कि बड़े अफसरों के साथ उद्योगपति और दूर दराज के श्रद्धालु भी शामिल होने के लिए आएंगे। ऐसे में स्ट्रीट लाइटों का न जलना तैयारियों को ग्रहण लगा रहा है। जबकि पूरी अयोध्या सजाई जा रही है।
हाईवे के मेटेनेंस मैनेजर विनोद मिश्र का कहना है कि राम सनेही घाट से सहादतगंज के बीच चार स्थानों पर लाइटें जल गई हैं। जैसे-जैसे सामान मिल रहा है। लाइटें जलाई जा रही है। इसका पैसा बिजली विभाग के पास जमा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर लाइटों के जलाने को लेकर फोन भी आया था।
