बरेली सिटी स्टेशन रोड : टेंडर निरस्त, फिर भी जारी पैचवर्क
चार महीने में तीन बार सड़क ठीक कराने पर पीडब्ल्यूडी ने फूंक चुका लाखों रुपये
बरेली, अमृत विचार। विवादों में घिरी सिटी स्टेशन रोड का टेंडर निरस्त होने के बाद पीडब्ल्यूडी ने फिर पैचवर्क शुरू करा दिया है। मगर, हैरानी की बात यह है कि काम की जल्दबाजी में ठेकेदार ने काम की गुणवत्ता को ताक पर रख दिया है। गड्ढे भरने से पहले मशीन की जगह हाथों से सफाई कराकर जिस तरह से काम किया जा रहा है, उससे पैचवर्क चंद दिन में उखड़ने की अभी से आशंका बढ़ गई है। वहीं, ठेकेदार का कहना है वह बिना टेंडर के काम करा रहा है और विभाग उसे निर्माण सामग्री और लेबर का भुगतान करेगा। इधर, कुछ ठेकेदारों का आरोप है पीडब्ल्यूडी को गुणवत्ता से कोई मतलब नहीं है, फजीहत से बचने को बस काम पूरा करने की जल्दी है।
चौपुला पुल से किला की ओर जाने वाला मार्ग लंबे समय से बदहाल है। बारिश के सीजन में यहां जलभराव होने पर हालात बहुत खराब होते हैं। पीडब्ल्यूडी चार महीने में तीन बार सड़क मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च कर चुका है। इसके बाद भी सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है। पीडब्ल्यूडी ने तीन महीने पहले डामर की जगह सीसी रोड बनाने का फैसला लेते हुए 1200 मीटर सड़क का पांच करोड़ का एस्टीमेट बनाकर नगर निगम को भेजा था। इस प्रस्ताव पर नगर निगम ने बीते दिनों पांच करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने टेंडर निकाला, लेकिन टेंडर खुलने तक पैसा न मिलने पर निविदा पिछले दिनों रद्द कर दी। ठेकेदारों का आरोप था कि खास फर्म को देने के लिए टेंडर निरस्त कर दिया गया। इससे उनका समय और पैसा दोनों खराब हुआ। जमानत राशि भी फंस गई है।
यह मामला गुरुवार को अखबार की सुर्खियां बना, ऊबड़-खाबड़ सड़क को लेकर उच्चाधिकारी ने भी नाराजगी जताई। इसके बाद आनन-फानन में पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड ने गड्ढे भरने के नाम पर फिर बजट खपाने की तैयार कर ली है। हालांकि विभाग का कहना है कि इस बार उन्होंने टेंडर नहीं निकला है, पार्ट टाइम करने वाले एक ठेकेदार को गड्ढे भरने का जिम्मा दिया है।
