लखीमपुर खीरी: मोहम्मदी पुलिस कस्टडी से किशोरी फरार, हड़कंप

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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कोर्ट में बयान और मेडिकल कराने लखीमपुर ला रही थी पुलिस

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। पुलिस कस्टडी से गुरुवार दोपहर एक किशोरी के फरार होने की घटना ने मोहम्मदी पुलिस की लापरवाही की पोल खोल दी है। अदालत में बयान और मेडिकल के लिए लखीमपुर ले जाते समय किशोरी थाना फरधान क्षेत्र में रास्ते से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर गायब हो गई। घटना के बाद से मोहम्मदी और फरधान पुलिस अलर्ट मोड में आ गई और कई घंटों तक खोजबीन की गई, लेकिन देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।

कोतवाली मोहम्मदी क्षेत्र के एक गांव की किशोरी कुछ दिन पहले अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। परिवार की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी और उसके प्रेमी की तलाश शुरू की। दो दिन पहले पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया था। उसके बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के निर्देश पर  उसे मेडिकल व न्यायालय प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू हुई। यही प्रक्रिया गुरुवार दोपहर सिपाहियों की कस्टडी में पूरी की जानी थी। पुलिस टीम में एक महिला सिपाही और एक पुरुष सिपाही शामिल था। तीनों कार से मोहम्मदी से लखीमपुर की ओर आ रहे थे। बताया जाता है कि दोपहर ढसरापुर चौराहे के पास किशोरी ने पेशाब जाने का बहाना बनाकर कार रुकवाई। पुलिसकर्मी कार में ही बैठे रहे और किशोरी को बिना निगरानी झाड़ियों की तरफ जाने दिया। यहीं पुलिस ने बड़ी चूक कर दी और किशोरी मौका पाकर भाग निकली।

करीब पांच मिनट बीतने के बाद भी जब किशोरी वापस नहीं आई तो तो पुलिसकर्मी उतरे, लेकिन तब तक वह गायब हो चुकी थी। महिला सिपाही ने साथी सिपाही के साथ किशोरी की काफी तलाश की, लेकिन  जब वह नहीं मिली तो प्रभारी निरीक्षक मोहम्मदी और थाना फरधान पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। थाना फरधान और मोहम्मदी पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक फरधान दयाशंकर द्विवेदी ने फोर्स के साथ गन्ने के खेतों से लेकर रेलवे ट्रैक तक करीब चार घंटे तक सर्च अभियान चलाया। देवकली रेलवे स्टेशन पर पूछताछ की। ट्रैक के दोनों ओर लंबी दूरी तक तलाशी की। 

खेतों में मजदूरों और ग्रामीणों से लड़की के बारे में जानकारी जुटाई। ढसरापुर से मोहम्मदी मार्ग तक कई बार सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन लड़की का कोई पता नहीं चला। इधर किशोरी के परिजनों को जब उसके पुलिस अभिरक्षा से भागने की जानकारी हुई तो उनकी भी बेचैनी बढ़ गई है। परिवार ने पुलिस से उसकी सुरक्षा और शीघ्र बरामदगी की मांग की है।

लापरवाह पुलिसकर्मियों पर हो सकती है कार्रवाई 
किशोरी के फरार होने की घटना ने महिला सिपाही और पुरुष सिपाही की ड्यूटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाबालिग को बिना निगरानी झाड़ियों में भेजना पुलिस प्रोटोकॉल के विपरीत माना जाता है। सूत्र बताते हैं कि दोनों पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच की तलवार लटक गई है और दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है। 

किशोरी मेडिकल और न्यायालय बयान के लिए ले जाते समय रास्ते से फरार हुई है। उसकी तलाश के लिए पूरी टीम लगी हुई है। सर्च ऑपरेशन जारी है और जल्द ही उसे बरामद कर लिया जाएगा। -दयाशंकर द्विवेदी प्रभारी निरीक्षक थाना फरधान।

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