दंगल सिर्फ खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, कौशल और संघर्ष का प्रतीकः अखिलेश यादव

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचार : समाजवादी आंदोलन के पुरोधा स्व. मुलायम सिंह यादव के 86वें जन्मदिवस पर बंथरा के गुलाबखेड़ा में भव्य अंतरराष्ट्रीय दंगल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व विधायक श्याम किशोर यादव के पुत्र और युवा नेता कुमार दुर्गेश सिंह ‘सोनू भैया’ ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उपस्थित रहे।

हजारों दर्शकों और कार्यकर्ताओं के बीच अखिलेश यादव ने दंगल को उत्तर भारतीय संस्कृति की प्राचीन धरोहर बताते हुए कहा कि यह उनके परिवार की विरासत है और नेताजी का इससे गहरा नाता रहा। उन्होंने पूर्व विधायक श्याम किशोर यादव और उनके परिवार की सराहना की और स्व. हीरालाल यादव तथा स्व. मुलायम सिंह यादव के मध्य पुराने संबंधों का स्मरण किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि दंगल सिर्फ खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, कौशल और संघर्ष का प्रतीक है और राजनीतिक संघर्ष में भी यही भावना अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने बीजेपी की एसआईआर लागू कर वोटर लिस्ट दोबारा बनाने की नीति पर आलोचना की और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर मतदाता जोड़ने के अभियान में सक्रिय रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष सीएल वर्मा, युवा नेता कुमार दुर्गेश सिंह ‘सोनू’, पूर्व सांसद प्रत्याशी अरुण शंकर शुक्ला, पूर्व विधायक उदय राज यादव, पूर्व एमएलसी सुनील सिंह साजन सहित हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दंगल में लखनऊ, गोरखपुर, गोंडा, मेरठ, कानपुर, प्रयागराज, गाज़ीपुर, हरियाणा, ग्वालियर सहित कई राज्यों और ईरान के करीब 100 पहलवान शामिल हुए। 3 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की कुश्तियाँ हुईं। मेरठ के साकिर नूर ने 1.5 लाख रुपये की कुश्ती में रोहतक के सुमित को हराया, जबकि मुख्य आकर्षण रही 5 लाख रुपये की कुश्ती में रोहतक के नीतीश ने ईरान के इरफान को पराजित कर खिताब जीता।

संबंधित समाचार