Trump-Mamdani Meeting: ट्रंप - ममदानी मुलाकात...भारत पाकिस्तान पर हुई चर्चा, विवाद सुलझाने का फिर से किया दावा 

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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न्यूयॉर्क/वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क शहर के निर्वाचित महापौर जोहरान ममदानी से मुलाकात के दौरान एक बार फिर यह दावा दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद को सुलझाने में मदद की। ममदानी ट्रंप के साथ ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में अपनी पहली आधिकारिक मुलाकात के लिए शुक्रवार को वाशिंगटन डीसी पहुंचे।

ट्रंप ने इस मुलाकात को ‘‘बहुत सार्थक’’ बताया। बैठक के बाद ट्रंप ने ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में एक बार फिर दावा किया कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए विवाद को सुलझाने में उन्होंने मदद की। इस दौरान ममदानी भी उनके साथ मौजूद थे। भारतीय मूल के ममदानी न्यूयॉर्क शहर के महापौर पद के लिए हुए चुनाव में विजयी हुए। वह पहले ऐसे दक्षिण एशियाई और मुस्लिम हैं जो अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर निर्वाचित हुये हैं। 

ममदानी मशहूर फिल्म निर्माता मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर महमूद ममदानी के बेटे हैं। ट्रंप ने कहा, ‘‘मैंने आठ देशों के बीच शांति समझौते कराए हैं जिनमें भारत और पाकिस्तान भी शामिल हैं।’’ ट्रंप ने बुधवार को भी दावा किया था कि उन्होंने भारत एवं पाकिस्तान को 350 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी देकर उनके बीच जारी हमलों को रुकवाया था और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें फोन करके कहा था कि ‘‘हम युद्ध नहीं करेंगे।’’ 

ट्रंप 60 से अधिक बार इस दावे को दोहरा चुके हैं कि उन्होंने इस साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव ‘‘शांत करने में मदद की’’ जबकि भारत किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के दावे को लगातार नकारता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने 10 मई को सोशल मीडिया पर पहली बार घोषणा की थी कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान ‘‘पूरी तरह और तत्काल संघर्षविराम’’ पर सहमत हो गए। तब से उन्होंने 60 से अधिक बार यह दावा दोहराया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को ‘‘खत्म करने में मदद की।’’ 

भारत ने सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था जिसके तहत पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया था। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष के दखल से लगातार इनकार किया है। भारत का कहना है कि भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधी बातचीत के बाद दोनों देशों में सहमति बनने पर हमले रोके गए थे। 

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