बागपत के युवक को कंबोडिया से छुड़ाकर लाया गया भारत, साइबर धोखाधड़ी गिरोह के चंगुल से हुआ मुक्त

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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बागपत। बागपत जिले के ग्राम घनौरा सिल्वर नगर निवासी विकास राणा को कंबोडिया में सक्रिय एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह के चंगुल से मुक्त कराकर भारत वापस लाया गया है। पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, राणा की पत्नी डोली ने शिकायत की थी कि उनका पति नौकरी की तलाश में कंबोडिया गया था, जहां उसे अवैध तरीके से बंधक बनाकर साइबर धोखाधड़ी गतिविधियों में लगाया जा रहा है। 
 
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस महानिरीक्षक (मेरठ जोन) और पुलिस उपमहानिरीक्षक (मेरठ रेंज) के निर्देश पर साइबर प्रकोष्ठ बागपत ने जांच शुरू की। साइबर सेल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि राणा एक ऐसे गिरोह के कब्जे में था जो विदेशों में युवाओं को नौकरी का लालच देकर ले जाता है और वहां उनसे साइबर धोखाधड़ी कराता है। इसके बाद बागपत पुलिस ने गृह मंत्रालय के नई दिल्ली स्थित ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) और कंबोडिया स्थित भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाए रखा। 
 
बयान के अनुसार, लगातार संवाद, तकनीकी सूचनाओं के आदान-प्रदान और समन्वित प्रयासों के बाद कंबोडिया पुलिस की सहायता से राणा को कथित दासता केंद्र से मुक्त कराया गया। उच्च स्तर पर हुए समन्वय के कारण उनका सुरक्षित भारत लौटना संभव हो सका। अधिकारियों ने बताया कि साइबर प्रकोष्ठ बागपत, मानव-तस्करी और साइबर दासता से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील है तथा ऐसे मामलों में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। 

 

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