दिल्ली धमाका : कांटेक्ट-कनेक्शन के बाद डॉ. शाहीन के खिलाफ साक्ष्य जुटाने में जुटीं एजेंसियां

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। दिल्ली धमाके में डॉ. शाहीन के कॉटेक्ट और कनेक्शन खंगालने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाने में जुट गई हैं। इसके लिए शाहीन की रिमांड लेने की तैयारी है। रिमांड के दौरान शाहीन को कानपुर और लखनऊ में रखकर पूछताछ की जाएगी।

उस दौरान डॉ. परवेज और पकड़े गए डीएम कार्डियोलॉजी के छात्र डॉ. आरिफ भी होगा। उनका आमना-सामना कराकर सवालों के जवाब लिए जाएंगे। वहीं शाहीन, आरिफ और परवेज जहां-जहां फुटेज व लोकेशन मिले हैं, उसका भी सुरक्षा एजेंसियां पड़ताल में जुटी है। कई जगह पड़ताल में मौजूदगी को भी पुख्ता पाया गया है। 

स्पेशल सेल ने अब डॉ. शाहीन के खिलाफ साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार इसलिए ही उसे रिमांड के दौरान दो दिन लखनऊ और तीन दिन कानपुर में सख्त सुरक्षा में रखा जाएगा। इस दौरान उसका पूर्व पति और नजदीकियों से भी आमना-सामना होगा। यहीं प्रक्रिया डॉ. परवेज और आरिफ के साथ भी लागू होगी। उन दोनों को भी इस अवधि में मौजूदगी और पूछताछ होगी।

परवेज का सामना उसके ससुरालियों से कराया जाएगा। तीनों के लोकेशन वाले स्थानों पर भी सुरक्षा एजेंसियां गहनता से पड़ताल कर पुख्ता साक्ष्य जुटा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से रिमांड के दौरान जो लिस्ट तैयार हुई है, उसके अनुसार रिमांड कक्ष में पूछताछ होगी। इसके साथ ही शाहीन, परवेज व आरिफ को यूपी के कई जिलों सहित जम्मू-कश्मीर, फरीदाबाद, नोएडा और हरियाणा ले जाया जा सकता है। 

एजेंसियों की पड़ताल ने शहरवासियों को चौकाया 
दिल्ली धमाके के बाद डॉ. शाहीन का नेटवर्क तलाशने शहर आईं सुरक्षा एजेंसियों की पड़ताल में चौकाने वाला नतीजा सामने आया। शाहीन, परवेज और आरिफ के लोकेशन और नेटवर्क वाले इलाकों में एजेंसियों ने पड़ताल की तो काफी संख्या में घरों पर ताले लटकते मिले। स्लीपर सेल और लेडीविंग का पता चला।

ईस्ट जोन के 39, वेस्ट जोन के 43, सेंट्रल जोन के 31 और साउथ जोन में 19 लोगों के घरों को चिह्नित किया गया, जहां धमाके के बाद से ताले लटक रहे हैं। आईबी, एनआईए, एटीएस और दिल्ली की स्पेशल सेल की पड़ताल में यह चीजें सामने आई। कानपुर में 67 स्लीपर सेल्स की जानकारी मिली। जिनमें 39 लेडी विंग की सदस्य बताई जा रही हैं। वहीं सुरक्षा एजेंसी को नौ किशोरियों ने डॉ. शाहीन से जुड़ी काफी जानकारियां दीं। 

सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर संदिग्ध कारें 
अक्टूबर और नवंबर माह के पहले सप्ताह तक शहर में चोरी हुईं 20 से अधिक करें भी खुफिया एजेंसियां की जांच का हिस्सा बन बन गई हैं। साजिश के तहत इन कारों का उपयोग तो नहीं किया गया। खुफिया से मिले तथ्य के आधार पर फजलगंज, चकेरी, कल्याणपुर में कार बेचने व खरीदने वालों से पूछताछ की जा रही है।

हुआ यह कि विस्फोट में एजेंसियों को 32 कारों से धमाके की साजिश का पता चला था। इसके बाद एटीएस, एनआईए, आईबी की टीमें उन संदिग्ध कारों की तलाश में जुटी। इसकी पड़ताल में पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि दो माह में कई लग्जरी कारें चोरी हुई। यह कारें कहां गई, इसका पता लगाया जा रहा है। कई वाहनों को ले जाते फुटेज भी सीसीटीवी कैमरों में कैद मिली है। 

शहर में वसूली गिरोह भी हो गया सक्रिए 
कानपुर से शाहीन कनेक्शन और डीएम कार्डियोलॉजी के छात्र डॉ. आरिफ की अरेस्टिंग से ही शहर में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी शुरू हुई। अब शहर में एक गैंग भी सक्रिए हो गया है। जो खुद को एटीएस, एनआईए व एसटीएफ, स्पेशल सेल बताकर लोगों से वसूली कर रहा है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार यह लोग शहरवासियों से वसूली कर रहे हैं।

घनी आबादी में जाकर खुद उसी तरह पेश कर रहे हैं और रुपये की मांग करते हैं। पुलिस अधिकारी ने अपील की है कि किसी के पास अगर ऐसा व्यक्ति आता है तो उसकी आईडी चेक करें। आईडी चेक करने का अधिकार है। इसके बाद संदेह पर पीआरवी को सूचना दें।

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