CBMR में निदेशक का पद खाली, शोध कार्य और विभागीय प्रक्रियाएं ठप

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ/पीजीआई, अमृत विचार: संजय गांधी पीजीआई परिसर स्थित सेंटर फॉर बायोमेडिकल रिसर्च (सीबीएमआर) में निदेशक का पद बीते 20 नवंबर से खाली पड़ा है। पूर्व निदेशक प्रो आलोक धवन का पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा होने के बाद वे कार्यमुक्त हो गए, लेकिन शासन ने अभी तक न नए निदेशक की नियुक्ति की है और न ही किसी अधिकारी को कार्यवाहक निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी है।

इस खाली पद का असर सीधे संस्थान के कामकाज पर पड़ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि निदेशक की मंजूरी के अभाव में शोध कार्यों के लिए आवश्यक रसायन, लैब उपकरण और अन्य सामग्रियों की खरीद रुकी हुई है। वहीं कर्मचारियों और संकाय सदस्यों के लंबित अवकाश व वेतन संबंधी अनुमोदन फाइलों में अटके हैं।

करीब 16 संकाय सदस्य, 15 कर्मचारी और लगभग 60 शोधार्थियों वाला यह संस्थान फिलहाल बिना प्रशासनिक प्रमुख के काम कर रहा है। संकाय सदस्यों का कहना है कि शासन ने चार महीने पहले नए निदेशक नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था और आवेदन भी प्राप्त कर लिए गए, लेकिन चयन प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। वैज्ञानिकों की मांग है कि जब तक नए निदेशक की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी को कार्यवाहक निदेशक बनाया जाए, ताकि शोध और प्रशासनिक कामकाज बाधित न हों।

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