डफरिन की इमरजेंसी में तीन घंटे तक इंतजार, मरीजों को बैठने तक की व्यवस्था नहीं है 

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Edited By Muskan Dixit
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कैलाय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार: वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) की इमरजेंसी में गर्भवतियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। भर्ती से इलाज करवाने तक में तीन से चार घंटे तक का समय लगता है। इमरजेंसी में बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

300 बेड की क्षमता वाले डफरिन अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी का संचालन होता है। औसतन प्रतिदिन 25-30 सामान्य और सिजेरियन प्रसव भी होते हैं। इमरजेंसी में तीन से चार घंटे तक इंतजार मरीजों को इंतजार करना पड़ता है, लेकिन उनके बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। शनिवार को बालागंज से आई अंजलि मिश्रा परेशान दिखीं। उन्होंने बताया कि शनिवार को प्रसव की तारीख दी गई थी। पति के साथ सुबह 12 बजे इमरजेंसी में आ गई थी। काफी देर बाद डॉक्टर ने देखकर भर्ती होने की सलाह दी। दोपहर 1:30 बजे भर्ती नहीं किया जा सका, जबकि वह प्रसव पीड़ा से परेशान थीं।

रकाबगंज निवासी नाजिया के टांके टूट गए थे। टांके लगवाने के लिए मां और पति के साथ 10 बजे अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंच गई थीं। दोपहर 2 बजे तक भी टांके नहीं लग पाए थे। अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेनू पंत का कहना है इमरजेंसी रूम के बाहर बैठने की व्यवस्था है,फिर भी इस समस्या को देखा जाएगा। इमरजेंसी में तत्काल इलाज मुहैया कराने के चिकित्सकों को निर्देश हैं। यदि लापरवाही हो रही है तो इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सुधार कराया जाएगा।

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