मेरा शहर मेरी प्रेरणा : विंडरमेयर रंगमंच की सिखा रहा बारीकियां

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Edited By Amrit Vichar
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शहर के सिविल लाइंस में स्थापित विंडरमेयर रंगमंच की दिशा में लगातार कुछ न कुछ नया कर रहा है। न सिर्फ लोगों को रंगमंच के करीब ला रहा है बल्कि बरेली की छिपी प्रतिभाओं को निकालने और उन्हें मंच देने का भी काम कर रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के रंगमंच के मझे हुए कलाकारों के जरिये नई पौध को अभिनय की बारीकियों से सींचने काम कर रहा है। विंडरमेयर नाम के ब्लैक बॉक्स थिएटर की स्थापना शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ. बृजेश्वर सिंह ने वर्ष 2013 में की थी। रंग विनायक रंगमंडल समूह का गठन वर्ष 2007 में हुआ था। 

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करीब 12 सालों से बरेली के लोगों को यह थिएटर रंगमंचीय दुनिया से रूबरू करा रहा है। यहां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तमाम नाटकों का मंचन हो चुका है और यह क्रम लगातार जारी है। रंगमंच के दिग्गज कलाकार, लेखक, नाटककार मानव कौल, रोहिणी हट्टंगड़ी, कुमुद मिश्रा, अश्वथ भट्ट, मकरंद देशपांडे, कुलभूषण खरबंदा, सुमित व्यास यहां मंचन कर चुके हैं। इस वक्त यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वर्कशॉप चल रही है, जिसमें जर्मन रंगमंच के कलाकार माटेन युवा कलाकारों को रंगमंचीय कौशल सीखाने के साथ उसकी बारीकियां बता रहे हैं। साथ ही मॉर्डन, पोस्ट मॉर्डन और एक्सिस थिएटर के बारे में भी अहम जानकारी दे रहे हैं। एक्सिस थिएटर में कई चीजों के माध्यम से दर्शकों से संवाद किया जाता है।

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रंग विनायक रंग मंडल टीम के सदस्य एवं रंगमंच के कलाकार पुराना शहर के सैलानी निवासी दानिश खान बताते हैं कि रंग विनायक रंग मंडल की टीम रामलीला का मंचन करती है। अभी हाल में इस टीम ने अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में मंचन किया था। रामलीला में श्रीराम का किरदार निभाने वाले दानिश बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने उनकी टीम के रामलीला मंचन के कुछ अंश पोर्टल पर भी जारी किए थे। वह बताते हैं कि जो कलाकार नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में नहीं जा पाते हैं। विंडरमेयर की कोशिश रहती है, वहां के शिक्षकों के जरिये यहां के युवा कलाकारों को प्रशिक्षित किया जाए। यहां से जुड़े कई लोग टीवी, फिल्म और डायरेक्शन में अपना हुनर दिखा रहे हैं, इनमें कौशल मिश्रा, शिवा, सृष्टि माहेश्वरी, सविता, वर्षा जैसे तमाम नाम हैं। टीम में करीब 18 कलाकार हैं। बताया कि नवरात्र के समय विंडरमेयर में रामलीला का मंचन होता है।

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विंडरमेयर को स्थापित करने वाले और दया दृष्टि चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. बृजेश्वर सिंह को रंगमंच से गहरा लगाव है। यही वजह कि वह डॉक्टरी पेशा के साथ इस विधा सी भी जुड़े हैं। लोगों को भी इससे जोड़कर रखना चाहते हैं। उन्हें रंगमंच-कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। वर्ष 2020 के रंगमंच प्रोत्साहन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित यूपीएसएनए (उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ऐसे कई प्रदेशों से उन्हें सम्मान मिले।

बरेली नाट्य महोत्सव में जुटे थे रंगमंच के दिग्गज  
बरेली शहर में रंगमंच को आगे बढ़ाने के लिए अस्तिता फाउंडेशन की ड्रामा ड्रॉप आउट्स विंग भी काम कर रही है। इसके चेयरमैन एवं रंगमंच कलाकार कैंट स्टेशन रोड निवासी राजू सिंह चौहान बताते हैं कि दो जनवरी वर्ष 2025 में इस संगठन का गठन किया गया। जो किसी कारण कलाकार रंगमंच से छूट गए हैं, उन्हें जोड़ने का भी काम ड्रामा ड्रॉप आउट्स विंग कर रहा है। हम सभी कलाकारों का काम थियेटर को आगे बढ़ाना है। वर्तमान में इस संगठन से 35 कलाकार जुड़े हैं। संस्था की ओर से अर्बन हॉट स्थित प्रभावे में एक से सात सितंबर तक बरेली नाट्सय महोत्सव का आयोजन हुआ था। जिसमें रंगमंच के दिग्गज कलाकार जुटे थे। इसमें मेटा-पंचलाट समेत कई नाटकों का मंचन हुआ था। बड़ी संख्या में दर्शकों ने पहुंचकर कलाकारों के अभिनय को सराहा था। गोरखपुर, दिल्ली के श्रीराम सेंटर आदि स्थानों से रंगमंच के कलाकारों की टीमें आई थीं। इससे पहले मोहन राकेश के नाटक आषढ़ का एक दिन का मंचन हुआ था। अभिनेता सौरभ शुक्ला ने नाटक बर्फ का मंचन किया था। राजू बताते हैं कि दिसंबर में भी पांच नाटकों का मंचन किया जाएगा। बरेली नाट्य महोत्सव भी हर साल होगा।


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