मेरा शहर मेरी प्रेरणा :कला-संस्कृति की विरासत को संजो रहा रिद्धिमा

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Edited By Amrit Vichar
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एसआरएमएस ट्रस्ट ने 8 फरवरी 2021 को अपने प्रेरणा स्रोत स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय राम मूर्ति के 111वें जन्मदिन पर रिद्धिमा ए सेंटर आफ परफार्मिंग एंड फाइन आटर्स को म्यूजिक संस्थान के रूप में स्थापित किया था। कथक गुरु जितेंद्र महाराज, शायर वसीम बरेलवी और शब्बू मियां की मौजूदगी में इसका लोकार्पण हुआ था। हाजियापुर स्थित रिद्धिमा में गायन, वादन, फाइन आर्ट्स, कथक, भरतनाट्यम और अभिनय की शिक्षा दी जा रही है। 

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एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति ने सांस्कृतिक धरोहर और कला को संरक्षण देने का जो संकल्प लिया। इसी का नतीजा रहा कि स्थापना से ही रिद्धिमा ने संगीत और थिएटर प्रेमियों पर अपना जादू बिखेरना शुरू कर दिया था। रिद्धिमा ने कला को सहेजने का काम तो किया ही कलाकारों को अपना हुनर दिखाने के लिए मंच भी समर्पित किया। यही वजह रही कि यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन अनवरत रूप से जारी है। प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। 

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यहां पर थिएटर प्रेमियों के लिए वर्ष 2021 में मार्च में जिंदगी डॉट काम से नाटक के मंचन का आगाज हुआ। इसके बाद नाटकों के मंचन का सिलसिला प्रति सप्ताह पहुंच गया। यहां पर पं.राधेश्याम कथावाचक के चर्चित नाटक वीर अभिमन्यु, अंधायुग, पोस्टर, प्रमोशन, अकबर द ग्रेट ने गुदगुदाया, दयाशंकर की डायरी, गालिब इन न्यू दिल्ली, अर्जुन प्रतिज्ञा, अंधायुग, पैगाम ए खुसरो, त्रिशंकु, टुकड़े टुकड़े धूप, वरदान, मैं पापिन क्यों, चाचा छक्कन इन एक्शन जैसे 150 से ज्यादा नाटकों का मंचन किया जा चुका है। स्थापना वर्ष से ही रिद्धिमा में थिएटर फेस्टिवल इंद्रधनुष का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सप्ताह में सात प्रसिद्ध नाटकों का मंचन होता है। 

इसके साथ ही फाग महोत्सव, सूफियाना कव्वाली, बज्म ए सुखन और साहित्य सरिता कार्यक्रम से रिद्धिमा के श्रोताओं को बरेली और आसपास के नवोदित शायरों और कवियों से रूबरू होने का मौका दिया जा रहा है। चित्रकला के प्रति विद्यार्थियों का रुझान बढ़ाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए रिद्धिमा में वार्षिक राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं। इसके साथ ही नृत्य कला, फोटोग्राफी और थिएटर टेक्निक्स के लिए भी वर्कशाप का आयोजन अनवरत किया जाता है।

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दुर्लभ वाद्य यंत्रों की विरासत
श्रीराम मूर्ति स्मारक रिद्धिमा में इंस्ट्रूमेंट म्यूजियम स्थापित किया गया है, जिसमें दुर्लभ वाद्ययंत्रों को संरक्षित करने की पहल की गई है। इसमें दो सौ से ज्यादा दुर्लभ वाद्य यंत्रों को देश के कोने कोने से लाकर यहां रखा गया। यह देश का ऐसा अनोखा इकलौता इंस्ट्रूमेंट म्यूजियम है, जहां पर इतनी बड़ी संख्या में वाद्ययंत्रों एक साथ संरक्षित किया गया है। संगीत प्रेमियों और युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली संगीत इतिहास के इन दुर्लभ वाद्य यंत्रों से परिचित कराने और सहेजने के लिए ही यहां संग्रहालय बनाया गया। वर्ष 2021 में तीन सितंबर को एसआरएमएस ट्रस्ट के सेक्रेटरी आदित्य मूर्ति ने वाद्य यंत्र संग्रहालय का शुभारंभ किया था। आदित्य मूर्ति के अनुसार हमारे हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की विश्व भर में धूम है। सभी देशों में हमारे वाद्य यंत्रों को सराहा जाता है। ट्रस्ट के चेयरमैन एवं पिता देव मूर्ति ने इन्हें संरक्षित करने का संकल्प लिया और रिद्धिमा में इंस्ट्रूमेंट म्यूजियम स्थापित किया। यहां जोगी सारंगी, रावण हत्था, गुलगुबा, अलगोजा, एकतारा जैसे फोक वाद्ययंत्र के साथ ही विचित्र वीणा, रुद्र वीणा, सरस्वती वीणा, मयूरी वीणा, सुरबहार, दिलरुबा, पखावज, मृदंग, गोपीचंद, कश्मीरी सारंगी, संतूर, सारिंदा जैसे शास्त्रीय वाद्ययंत्र भी रखे गए हैं।

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