सिल्ट नीलामी के नाम पर अवैध खनन... एक दिन की कार्रवाई के बाद विभाग हुआ मौन, धड़ल्ले से चल रही पोकलैंड मशीनें

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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बाराबंकी, अमृत विचार। देवा क्षेत्र की नहरों में सिल्ट नीलामी और सफाई के नाम पर अवैध खनन का खेल बदस्तूर जारी है। अमृत विचार अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद सिंचाई विभाग एक दिन के लिए जरूर सक्रिय हुआ, लेकिन जांच की औपचारिकता पूरी होते ही अवैध खनन दोबारा उसी रफ्तार से शुरू हो गया। उमरी माइनर, महोलिया माइनर, पटना माइनर और मीरपुर माइनर पर इन दिनों सिल्ट उठाने का कार्य चल रहा है, लेकिन नहर के बेड से सिल्ट हटाने के बजाय पोकलैंड मशीनों को गहराई तक उतारकर मिट्टी निकालना बड़े स्तर की अनियमितताओं को दर्शाता है। 

शिकायतों के बाद जेई संतोष कुमार टीम लेकर महोलिया माइनर पहुंचे और ठेकेदार को नहर के अंदर की सिल्ट न उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सिल्ट उठाने और सफाई का ठेका एक ही ठेकेदार के पास होने की स्थिति में गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। चेतावनी के बावजूद अगले ही दिन पोकलैंड मशीनें फिर नहरों में सक्रिय दिखीं और गहराई तक खनन शुरू हो गया। उधर, सिल्ट ढोने वाले डंपरों की रॉयल्टी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। बिना रसीद दौड़ रहे डंपरों की संख्या विभागीय लापरवाही उजागर करती है। कई वाहन ऐसी अलग सूची पर दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे किसी जांच की स्थिति में भ्रम पैदा किया जा सके।

उमरी माइनर पर तैनात एक व्यक्ति रॉयल्टी कटने का साफ जवाब भी नहीं दे सका। उसके मुताबिक देवा में रॉयल्टी कटती है, यहां लाइट नहीं है। जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और भी ज्यादा संदिग्ध हो जाती है। अवैध खनन रोकने के लिए कर्मचारियों की तैनाती जरूर की गई है, लेकिन उनकी भूमिका मौन दर्शक से अधिक नजर नहीं आती। खनन करने वाले इतने सतर्क हैं कि अधिकारी आते ही रॉयल्टी काटनी शुरू कर देते हैं और उनके जाते ही फिर बिना रॉयल्टी के डंपरों का संचालन शुरू हो जाता है। 

नहरों की संरचना, जल प्रवाह और विभागीय विश्वसनीयता पर असर डालने वाले इस खनन के बावजूद निगरानी कमजोर क्यों है, यह क्षेत्र में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। अखबारों में खबर छपने के बाद विभाग की सक्रियता महज एक दिन तक सीमित रहना पूरे तंत्र पर सवाल खड़ा करता है। इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने कहा कि मौके का निरीक्षण किया जाएगा। यदि अवैध खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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