ध्वजारोहण के साथ पलट जाएंगे इतिहास के कई पन्ने... आज से अयोध्या का नया इतिहास, नई तारीखें

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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विवाद पर मिट्टी, एतबार और संस्कार की होगी बात

अयोध्या, अमृत विचार: श्रीराम मंदिर पर ध्वज आरोहण के साथ ही इतिहास के कई पन्ने एक साथ पलट जाएंगे, मंगलवार से अयोध्या का नया इतिहास और नई तारीखें होंगी। यह राम मंदिर और अयोध्या पर केंद्रित होगा। विवाद पर मिट्टी, अब एतबार और संस्कार के बात की उम्मीद की जा रही है।

मंगलवार 25 नवंबर भविष्य में याद रखने वाली तारीख होगी। तारीखें तो इसके पहले की और भी कई हैं, लेकिन यह ऐसी तारीख है जो नए इतिहास का आधार होंगी। आज इसके पीछे के इतिहास के कई पन्ने एक साथ पलट जाएंगे। भले ही श्रीराम मंदिर का निर्माण भौतिक रूप इससे पहले पूरा हो गया थी लेकिन सनातन संस्कृति में धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से ध्वजारोहण के साथ ही किसी भी मंदिर की पूर्णता मानी जाती है। ध्वजारोहण का यह कार्यक्रम मंगलवार को है। कई कारणों से मंगलवार को रखा गया। विद्वानों का कहना है कि श्री राम विवाह पंचमी की तिथि है। त्रेता युग में इसी दिन भगवान राम और सीता का विवाह हुआ था। उस दिन भी मंगलवार था। भगवान श्री राम का जन्म त्रेता में नवमी तिथि और मंगलवार को हुआ था। अयोध्या के कोतवाल श्री हनुमानजी का जन्म भी मंगलवार को ही हुआ था। ध्वज का आरोहण अभिजीत मुहूर्त दोपहर पौने 12 से 12:29 बजे के बीच किए जाने के पीछे भी कारण हैं। विजय मुहूर्त के नाम से प्रसिद्ध इस मुहूर्त में किया गया कार्य सफलता के साथ भविष्य के लिए आधार बनता है।

ध्वज का आरोहण 25 नवंबर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत करेंगे। मंदिर की इस पूर्णता के साथ ही अयोध्या का नया इतिहास शुरू होगा। अयोध्या के नए इतिहास का आधार बनना तो पांच साल पहले नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से श्री राम जन्म स्थान के फैसले के साथ शुरू हो गया था। फैसले के साथ भविष्य की अयोध्या का रेखांकन शुरू हुआ। किसी भी नगर के नवसृजन में भौतिक आधार पहले बनता है। कुछ ऐसा ही अयोध्या के साथ रहा। भौतिक परिवर्तन की शुरूआत के साथ राम मंदिर के लिए पांच अगस्त 2020 को भूमि पूजन, 22 जनवरी 2024 को राम लला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित हुआ। पांच जून 2025 को मंदिर के पहले तल पर राम दरबार की स्थापना की गई। अब 25 नवंबर को मंदिर पूर्णता को प्राप्त होगा। इन पांच छह वर्षों में अयोध्या में बहुत कुछ बदल गया। नई अयोध्या के बाद भविष्य की अयोध्या के लिए ये तारीखें याद की जाएंगी।

अयोध्या सहित यहां पहुंचने वाले आम लोग और श्रद्धालु मानते हैं कि अब पुराने विवादों पर मिट्टी पड़ गई। अयोध्या से अतीत में नि:सृत होने वाली आध्यात्मिक और संस्कारों की धारा वेगवान होगा। लोगों के बीच एतबार बढ़ेगा। अयोध्या के वैभव गुप्ता कहते हैं कि अब पुराने दिन बीत गए। आंदोलन नहीं अब अयोध्या की संस्कृति प्रभावी होगी। राधेश्याम सिंह कहते हैं अयोध्या के नए इतिहास की आज से शुरूआत हो गई।

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