बरेली : फाइक एन्क्लेव में बिना नक्शा पास कराए बने आवास
कॉलोनाइजर मो. आरिफ की विकसित कॉलोनी को प्रशासन मान रहा अवैध रूप से की गई बसाहट
बरेली, अमृत विचार। बरेली में हुए बवाल के बाद मुख्य आरोपी आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी काॅलाेनाइजर मो. आरिफ की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। जिस फाइक एन्क्लेव को आरिफ ने बसाया है, उसमें बिना नक्शा पास कराए ज्यादातर आवासीय ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी की गई हैं। बिना नक्शे के फाइक एन्क्लेव को अवैध रूप से बसाया हुआ माना जा रहा है, इसलिए बीडीए नोटिस भेजकर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह का कहना है कि फाइक एन्क्लेव एक तरह से बिना नक्शा स्वीकृत कराकर बसाई गई है। बीडीए बिना नक्शा के बनी इमारतों पर कार्रवाई कर रहा है।
डीएम ने सोमवार को अपने कक्ष में बातचीत के दौरान बताया कि अवैध रूप से बनाई गई इमारतों पर बुलडोजर की कार्रवाई अभी और होगी। डीएम ने फाइक एन्क्लेव में सीलिंग भूमि पर इमारतें बनाने के प्रकरण की जांच के संंबंध में बताया कि सीलिंग भूमि प्रकरण में जांच के बाद एडीएम सिटी की ओर से एसएसपी को पत्र भेजा गया है। जांच में नई गड़बड़ियां सामने आई थीं। उन गड़बड़ियों को बिंदुवार पत्र में लिखा गया है। पुलिस अफसरों को पूर्व में सीलिंग भूमि के प्रकरण में दर्ज हुई एफआईआर में नए तथ्यों को जोड़ते हुए कुछ धाराएं बढ़ाने के लिए कहा गया है। नए सिरे से की गई पैमाइश और अभिलेखीय जांच में सीलिंग भूमि के प्रकरण में नए तथ्य सामने आए हैं। डीएम ने बताया कि अवैध निर्माण किसी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। अवैध निर्माण पर कार्रवाई लगातार जारी है। अवैध रूप से बनी अन्य इमारतों पर भी जल्द कार्रवाई होगी।
फाइक एन्क्लेव में सीलिंग भूमि पर कब्जा पहले हो चुका पुष्ट
दो साल पहले तत्कालीन सीडीओ जग प्रवेश के निर्देश पर पीलीभीत रोड पर सीलिंग भूमि की जांच करायी गयी थी। फाइक एन्क्लेव में सीलिंग भूमि के गाटा संख्या 367 की 3589.89 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा मिला था। तहसील सदर के लेखपाल जय नरायन की तहरीर पर बारादरी थाने में मो. आरिफ, शरीफ अहमद, नेतराम, द्वारिका, पुष्पा वानी, गुलवानी आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचना में स्कूल सोसाइटी से जुड़े लोगों के नाम साक्ष्य न मिलने पर निकाल दिए थे। जांच रिपोर्ट में यह बताया था कि जगतपुर लाला बेगम में गाटा संख्या 350, 351, 367 और नवादा शेखान में गाटा संख्या 134 और 438 सीलिंग की भूमि है।
