कानपुर क्राइम न्यूज : बीमारी से परेशान अधेड़ ने फंदा लगाकर दी जान, संदिग्ध हालात में दरोगा की मौत

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर। नौबस्ता के मछरिया निवासी 58 वर्षीय बृजेश बुक स्टॉल संचालक थे। परिवार में पत्नी शांति, दो बेटे रूपेंद्र व भूपेंद्र हैं। रूपेंद्र जम्मू में सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल हैं। उन्होंने बताया कि पिता बृजेश बीपी व शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। जिसका एक साल से इलाज चल रहा था, लेकिन लाभ न मिलने से पिता तनाव में रह रहे थे।

सोमवार रात पिता खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने गए थे। मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे मुख्यद्वार में लगी जाली से रस्सी बांधकर उन्होंने फांसी लगाकर जान दे दी। बेटे के अनुसार बीमारी से परेशान होकर पिता ने आत्महत्या की है। 

हादसे में घायल महिला की मौत 

पनकी पड़ाव निवासी अमित कठेरिया ने बताया कि 13 नवंबर को वह पत्नी कंचन देवी को लेकर बाइक से मौसरी बहन को देखने अस्पताल जा रहे थे। तभी पनकी पड़ाव के पास ब्रेकर पर बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल कंचन का बीते 13 नवंबर को हैलट में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मंगलवार सुबह मौत हो गई। मां की मौत पर बच्चों में चीख-पुकार मच गई। 

संदिग्ध हालात में दरोगा की मौत 

 हनुमंत विहार निवासी 35 वर्षीय दरोगा आशीष सिंह की झांसी के शिवपुरी थाने में तैनाती थी। परिजनों ने बताया कि पत्नी से तलाक के बाद आठ साल से वह बच्चे के साथ अलग रह रहे थे। नौकरी के दौरान एक अक्टूबर को उनके पेट में इंफेक्शन हो गया था। जाचं में पीलिया की पुष्टि हुई। इसके बाद 26 अक्टूबर को इलाज के लिए घर आए और रीजेंसी में इलाज चला। कुछ दिन बाद फिर झांसी चले गए। दवाओं से लाभ न होने पर परेशान रहते थे। अचानक हालत बिगड़ने पर सोमवार रात उन्हें फिर रीजेंसी में भर्ती किया गया। जहां देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। 

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