अयोध्या : धर्म ध्वजारोहण के साक्षी बने 161 वनवासी संत, चित्तूर से लेकर दक्षिण कर्नाटक तक शामिल
अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए विभिन्न प्रांतों से 161 वनवासी संतों को आमंत्रित किया गया। अयोध्या प्रांत व अयोध्या धाम के धर्माचार्य च विशिष्ट धर्माचार्यों को जोड़ लिया जाए तो इनकी संख्या 500 के ऊपर ही रही।
विभिन्न प्रांतों से आमंत्रित वनवासी संतों में चित्तुर, दक्षिण बंग, बंसवरा परियोजना, छत्तीसगढ़, दक्षिण कर्नाटक,देवगिरी,उत्तर कर्नाटक, विदर्भ,महाकौशल, मालवा, मेरठ, पश्चिम महाराष्ट्र, त्रिपुरा, गुजरात दक्षिण, गुर्जर परियोजना व हरियाणा के हैं। इनमें 14 मालवा, 12 गुजरात दक्षिण एवं 11 दक्षिण कर्नाटक के भी समारोह में मौजूद रहे।
अयोध्या के धर्माचार्यों में महापौर गिरीशपति त्रिपाठी के अलावा अन्य विशिष्ट धर्माचार्यों में डॉ. भरतदास महराज, महंत जगन्नाथदास महराज, बलरामदास महराज, मुरलीदास महराज, प्रेममूर्ति कृष्णकांतदास महराज, आशीषदास वेदांती, विश्वेश प्रपन्नाचार्य महराज , वैदहीवल्लभशरण महाराज, प्रियाप्रीतम शरण महराज, वैदेही शरण (अवध बिहारी) महराज, महंत पवन कुमार दास, सियाकिशोरी शरण, मिथिलानंदिनी शरण, रामानुज शरण महाराज (ब्रह्मचारी), महंत धर्मदास महाराज, शशिकांतदास महाराज, जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य व जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी अनंताचार्य रहे।
