Bareilly : ऐसे तो फिर बंद हो जाएगा शहर में ई-बसों का संचालन...सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज को तगड़ा नुकसान
बरेली, अमृत विचार। शहर की सीमा में ई-बसों का संचालन बंद होने के कगार पर है। कारण यह है कि ग्रामीण रूटों से हटाकर ई-बसों को शहर की सीमा में चलाए जाने की जो मंशा अफसरों को थी, उस पर पानी फिरता नजर आ रहा है। इससे सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज को तगड़ा नुकसान हो रहा है। देहात के तीन रूटों पर बस चलने से औसतन हर दिन सवा लाख रुपये की कमाई होती थी, जो अब घटकर 12 से 14 हजार ही बची है। दूसरी ओर, देहात रूट से बसें हटने के बाद से ग्रामीणों का सफर दिक्कत भरा हो गया है।
सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के तहत ई-बसों का संचालन बरेली-शीशगढ़, बरेली-शेरगढ़ और बरेली-आंवला-मनौना रूट पर किया जा रहा था। महानिदेशक नगरीय परिवहन सेवा के आदेश पर 11 नवंबर को शीशगढ़ और शेरगढ़ रूट से 12 बसों का संचालन बंदकर शहर में नगर निगम की सीमा के तहत तीन रूटों पर शुरू कर दिया गया, जबकि आंवला, मनौना रूट पर 13 बसों का फिलहाल संचालन हो रहा था। सोमवार से इन बसों को भी हटाकर सभी 25 बसों को शहर में लगा दिया गया। तीनों रूटों पर बसों का संचालन बंद होने से हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक आंवला रूट पर दो हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। रोडवेज ने बंद किए किसी भी रूट पर बसें नहीं बढ़ाई हैं।
बताया जाता है कि शहरी के मुकाबले वातानुकुलित बसों में सफर करने का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के यात्री बखूबी उठा रहे थे। इससे राजस्व अच्छा प्राप्त हो रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों तक जा रही सभी बसों को शहरी क्षेत्र में ही लगा देने के बाद इन बसों की हवा निकल गई है। कहने को शहर के भीतर ही 60 स्टापेज निर्धरित हैं। इनमें प्रेमनगर के सूद धर्मकांटा, शील चौराहा समेत कई स्थानों पर अतिक्रमण है। सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज की प्रबंधक संचालक मनीषा दीक्षित का कहना है कि देहात क्षेत्र में ई-बस सेवा बंद कर सभी 25 बसों का संचालन नगर निगम की सीमा में किया जा रहा है। सभी स्टॉपेज पर शहर के लोगों को हर 15 मिनट में बस मिलेगी।
इधर, अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय के निर्देश पर बसों का रूट परिवर्तन किया जाता है, इसलिए शहर में दौड़ने वाली बसों के लिए प्लान तैयार किया है। जो बसों खाली दौड़ रही हैं। आने वाले कुछ ही दिनों में सवारियों से फुल दिखाई देंगी।
शहर में अवैध ऑटो और ई-रिक्शा बने रोड़ा
बरेली में ई-बसों की राह में शहर में अवैध ऑटो और ई-रिक्शा रोड़ा बने हैं। नकी दो मुख्य वजह हैं। पहली वजह यह है कि ये आसानी से हर चौराहे और हर कदम पर मिल जाते हैं, जिससे यात्रियों को इनका उपयोग करने के लिए अधिक विकल्प मिलते हैं। दूसरी वजह यह है कि इनका कोई रूट निर्धारित नहीं है, जिससे ये वाहन जहां चाहें, जब चाहें, जिस रूट पर चाहें, चल सकते हैं। इससे न केवल ई-बसों का संचालन प्रभावित होता है, बल्कि सड़क पर जाम और दुर्घटनाओं का भी खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए भी फेल हुआ बसों का संचालन
शहर में ई-बसों की दौड़ाने की प्लानिंग आनन-फानन में शुरू की गई। इन्हें शहर में संचालित करने से पहले अफसरों ने कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई। प्रबंध निदेशक के स्तर से अचानक आए मैसेज के बाद इन बसों का संचालन शहर में शुरू कर दिया। जबकि इससे पहले सिटी बसों के रूटों के लिए निर्धारित स्टापेज पर बसों और यात्रियों के ठहराव स्थल को हकीकत देखी जानी चाहिए थी। शहर में अधिकांश स्टापेज ऐसे हैं जिनका नामोनिशान तक नहीं बचा है। कहीं अवैध तरीके से अतिक्रमण है तो कहीं ऑटो-ई रिक्शा का कब्जा है।
आज से शीशगढ़ और शेरगढ़ तक चलेंगी रोडवेज बसें
सिटी बसों का शीशगढ़ व शेरगढ़ तक संचालन बंद होने के बाद यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रोडवेज की 10 बसें बुधवार से बरेली से शीशगढ़ व शेरगढ़ तक प्रतिदिन चलाई जाएंगी। इन रूटों पर सिटी बसों का संचालन बंद होने पर बीते दिनों यात्रियों की परेशानी को देखते हुए विधायक डा. डीसी वर्मा ने अधिकारियों से बातकर बरेली से शीशगढ़ व शेरगढ़ तक रोडवेज बसें चलाने पर जोर दिया। रुहलेखंड डिपो के एआरएम एके वाजपेयी ने बताया सिटी बसें ग्रामीण क्षेत्रों में बंद होने पर रोडवेज बरेली से शीशगढ़ व शेरगढ़ रूट पर रोडवेज की बसें मंगलवार से चलायेगा। मंगलवार से दोनों स्थानों को चार-चार रोडवेज बसें नियमित रूप से चलेंगी। यात्रियों बढ़ने पर बसों की संख्या इन रूटों पर बढ़ाई जाएंगी।
सिटी बसों के कुछ इस तरह निर्धारित हैं मार्ग
रूट एक : स्वालेनगर मिनी बाईपास से जंक्शन वाया सौफुटा-पीलीभीत बाईपास 17 किमी के इस रूट पर 25 स्टॉपेज हैं। इस रूट पर बसें कर्मचारी नगर, भास्कर हॉस्पिटल, इज्जत नगर तिराहा, आईवीआरआई, ट्यूलिप, डेलापीर चौराहा, वीर सावरकर नगर, तुलाशेरपुर, सौफुटा रोड तिराहा, संजय नगर, सुरेश शर्मा नगर, डोहरा रोड, रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बीसलपुर चौराहा, सतीपुर चौराहा, सेटेलाइट बस अड्डा, खुर्रम गौटिया, बियावानी कोठी, गांधी उद्यान, प्रभा टॉकीज, चौकी चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट पर ठहराव लेंगी।
रूट दो : झुमका तिराहा से सेटेलाइट बस अड्डा वाया चौपुला-गांधी उद्यान 16 किलोमीटर के इस रूट पर 17 स्टॉपेज तय किए गए हैं। इस रूट की बसें झुमका तिराहा से परसाखेड़ा, मथुरापुर, जीटीआई, सीबीगंज, मिनी बाईपास, सत्य प्रकाश पार्क, दूल्हा मियां की मजार, सिटी रेलवे स्टेशन, चौपुला चौराहा, चौकी चौराहा, प्रभा टॉकीज, गांधी उद्यान, बियावानी कोठी, खुर्रम गौटिया पर ठहराव लेंगी।
रूट तीन : स्वाले नगर मिनी बाईपास से जंक्शन वाया डेलापीर-महादेव पुल 13 किलोमीटर के इस रूट पर 18 स्टॉपेज तय किए गए हैं। इस रूट पर बसों के लिए कर्मचारी नगर, भास्कर हॉस्पिटल, बसंत बिहार चौराहा, इज्जत नगर तिराहा, आईवीआरआई, ट्यूलिप, डेलापीर चौराहा, झूलेलाल द्वार, सलेक्शन प्वाइंट, धर्मकांटा, लल्ला मार्केट, कोहाड़ापीर, नॉवल्टी चौराहा, अयूब खां चौराहा, चौकी चौराहा, कलक्ट्रेट पर स्टॉपज निर्धारित किए गए हैं।
