शिक्षा का अधिकार: दूसरे वार्ड के स्कूल में करा सकेंगे दाखिला

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जिले के अभिभावकों और बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए दूसरे वार्ड के विद्यालयों में एडमिशन प्रक्रिया की अनुमति दे दी है। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो बेहतर स्कूल का विकल्प अपने वार्ड में न होने के कारण लंबे समय से परेशान थे। इस बार प्ले कक्षा से ही आरटीई के तहत बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा।

विभाग की मानें तो अब तक आरटीई के तहत केवल उसी वार्ड के स्कूल में प्रवेश की अनुमति थी। इस नियम के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिए जाते थे। विद्यालय भी इन्हें स्वीकार नहीं करते थे, जिसके कारण कई बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाते थे। नए नियमों से जिले के विभिन्न विद्यालयों में नामांकन की संभावनाएं बढ़ेंगी और अधिक बच्चे इससे लाभान्वित हो सकेंगे। बदलाव के तहत बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अनुसार अब बच्चों का प्रवेश प्ले कक्षा से ही किया जाएगा।

आवेदन के लिए बच्चे और अभिभावक का आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, आधार से लिंक बैंक खाता व मोबाइल नंबर, अधिकतम एक लाख रुपये तक वार्षिक आय प्रमाणपत्र, आवश्यकतानुसार जाति व दिव्यांगता प्रमाणपत्र देना होगा। बीएसए विनीता का कहना है कि दिसंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। नियम में किए गए बदलाव से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने में आसानी होगी।

नई व्यवस्था से अधिक बच्चों को मिलेगा लाभ
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रत्येक वर्ष केवल वार्ड प्रतिबंध की वजह से फार्म अस्वीकार कर दिए जाते थे। नतीजतन कई बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित होना पड़ता था। नए नियम लागू होने के बाद अब जिले के विद्यालयों में नामांकन की संभावना बढ़ गई है। इससे शिक्षा का दायरा विस्तृत होगा और अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सकेगा। खासकर उन अभिभावकों के लिए यह राहत की बात है, जो अपने वार्ड में विकल्प न होने की वजह से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण विद्यालयों में दाखिला नहीं दिला पाते थे। अब तक नामचीन विद्यालय नियमों को लेकर अधिक सख्ती दिखाते थे और दूसरे वार्ड से आए आवेदन सीधे खारिज कर देते थे। नए निर्देशों के बाद इन विद्यालयों को भी प्रवेश देना होगा।

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