संपादकीय: किसानों से किए वादे पूरे करने और एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग

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Edited By Amrit Vichar
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ठाकुरद्वारा, अमृत विचार। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों अभाकिमस, अखिल भारतीय किसान सभा तथा खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ता भारी संख्या में ठाकुरद्वारा के तिकोना पार्क स्थित यात्री प्रतीक्षालय में एकत्र हुए। किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड धर्मपाल सिंह, कॉमरेड शाकिर हुसैन, गुलशेर अली, साबिर हुसैन सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली में हुए किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून तो वापस ले लिए, लेकिन आंदोलन के समय किए गए लिखित समझौतों को पूरा करने में सरकार बिल्कुल रुचि नहीं दिखा रही है। आरोप लगाया कि महंगाई बढ़ रही है जिससे किसान और मजदूर बुरी तरह प्रभावित हैं। सरकार किसानों की फसलों का उचित मूल्य नहीं दे रही, वहीं खाद, बीज, कीटनाशक दवाओं और कृषि उपकरणों पर भारी टैक्स लगाकर खेती को और कठिन बना रही है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में टैक्स कम किए जाने की घोषणा को भी वक्ताओं ने दिखावा बताते हुए कहा कि कपड़ों पर टैक्स घटाया गया तो धागे पर बढ़ा दिया, किताबों पर टैक्स कम किया तो कागज पर बढ़ा दिया यह जनता पर बोझ बढ़ाने का तरीका है।

स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा अनुसार सभी फसलों को सी 2 50% मुनाफा पर खरीदने हेतु गारंटी कानून बनाया जाए। किसान-मजदूरों के संपूर्ण कर्ज माफ किए जाए। 300 यूनिट घरेलू बिजली मुफ्त दी जाए। वृद्ध, विधवा एवं विकलांगजनों के लिए 10 हजार रुपए मासिक पेंशन का कानून बनाया जाए। सभी वस्तुओं पर लगे अतिरिक्त टैक्स हटाकर आय पर कर व्यवस्था लागू की जाए। गन्ने का रेट 500 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया जाए और चीनी मिलों का बकाया तुरंत दिलाया जाए। नए श्रम कोड रद किए जाएं तथा पुराने श्रम कानून बहाल किए जाएं। इन मांगों को शामिल करते हुए एक मांगपत्र राष्ट्रपति, भारत सरकार को संबोधित करते हुए तहसीलदार ठाकुरद्वारा प्रवीण कुमार को सौंपा गया।

अध्यक्षता कॉमरेड नत्थू सिंह ने की, जबकि संचालन जिला सचिव हरस्वरूप सिंह ने किया। अमन खां, आज़म शाह, जगदीश सिंह पांडे, महिपाल सिंह, दयाराम साहनी, कॉमरेड वीर सिंह, सुरेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, जाकिर हुसैन, बाबू सिंह, दुर्योधन सिंह, लेखराज सिंह, महेंद्र सिंह, सतपाल सिंह, प्रीतम सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान व मजदूर शामिल रहे।

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