अखिलेश यादव का आरोप- बीएलओ के साथ हो रहा है अमानवीय व्यवहार

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि बीएलओ पर एसआईआर का इम्प्रैक्टिकल टारगेट देकर अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है जो बेहद निंदनीय और घोर आपत्तिजनक है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने नई नौकरियां तो दी नहीं, जो चली आ रही हैं उन्हें भी इतना कठिन बना दिया है कि लोग हताश होकर नौकरी छोड़ दें। जो पूरे नहीं हो सकते ऐसे असंभव लक्ष्य देकर, बीएलओ से अपना घर-परिवार भूलकर मशीन की तरह काम करने की उम्मीद करना अमानवीय है।

भाजपा ये सब काम अपने चुनावी महाघोटाले के लिए कर रही है लेकिन सवाल ये है कि जो बीएलओ हताश होकर नौकरी छोड़ रहे हैं या जो अपनी जान तक दांव पर लगा दे रहे हैं, वो इस सियासी घपलेबाजी का ख़ामियाज़ा क्यों भुगतें। देश भर के कर्मचारियों को इसके खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए। हम हर बीएलओ के साथ हैं। हमारी हर बीएलओ से अपील है कि इन हालातों में ऐसा कोई भी क़दम नहीं उठाएं जिससे आपका परिवार प्रभावित हो।

उन्होने कहा कि बीएलओ को किसी भी गलती के लिए ज़िम्मेदार ठहराना किसी भी परिस्थिति में न्यायसंगत नहीं है। भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की नाकामी की वजह से बीएलओ की जानें जा रही हैं। मतदान का अधिकार संवैधानिक अधिकार है, मतदाता का सम्मान होना चाहिए न कि मतदाता को तमाम तरह की परेशानियों में डालने वाली एसआईआर प्रक्रिया में फंसा कर अपमानित किया जाए। भाजपा वोट का अधिकार खत्म करना चाहती है। उत्तर प्रदेश में करोड़ों लोगों का वोट काटे जाने की आशंका है। पीडीए से घबराई भाजपा सरकार तमाम तरह की साजिशे रच रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि माना भाजपा राज का ये बेहद दुखदायी काल चल रहा है परंतु धैर्य रखें और ये विश्वास भी कि हर क्रूर शासन के जुल्म का एक ना एक दिन अंत होता ही है, इसीलिए दुनिया में सच्चाई और अच्छाई आज तक बची है। लोगों को डराते-डराते भाजपा ख़ुद डर गयी है। भाजपाई राज की ज्यादतियों से जनाक्रोश अपने पूरे उबाल पर है। भाजपा अपने अंतकाल की ओर है। उन्होने कहा कि इन हालातों में अगर ईमानदारी से चुनाव हो जाएं तो भाजपाइयों के घरवाले तक भाजपा को वोट न दें। 

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