Shahjahanpur: सुरेश खन्ना बोले...कोडीन सिरप तस्करों को बचाना चाहती है सपा 

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Edited By Amrit Vichar
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शाहजहांपुर, अमृत विचार। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शाहजहांपुर स्थित अपने राज भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कोडीन युक्त कफ सिरप और मादक पदार्थ श्रेणी की औषधियों के अवैध कारोबार को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के बड़े नेता कोडीन सिरप तस्करों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि आरोपी के साथ सपा प्रमुख की तस्वीर इस बात का स्पष्ट सबूत है कि कौन लोग तस्करों के संरक्षण में खड़े हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है और इसमें किसी भी राजनीतिक दबाव या सिफारिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आरोपी चाहे जो भी हो और कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून से बच नहीं पाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के साथ समन्वय बनाकर कोडीन युक्त कफ सिरप तथा अन्य मादक औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय, वितरण और डायवर्जन के मामलों में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य संगठित गिरोहों पर करारा प्रहार कर पूरे अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।

वित्त मंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर कोडीन सिरप की तस्करी, उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन, अंतर्राज्यीय नेटवर्क और अवैध रूप से अर्जित धन की जांच के लिए त्रि-सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। पंजीकृत अभियोगों की विवेचना के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू की गई है, जिससे किसी भी स्तर पर ढिलाई की गुंजाइश न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोडीन फॉस्फेट युक्त औषधियां औषधि नियमावली, 1945 के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं और इनका विक्रय केवल चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर पंजीकृत औषधि विक्रेताओं द्वारा ही किया जा सकता है। उत्पादन से लेकर आपूर्ति और वितरण तक पूरी श्रृंखला सख्त नियंत्रण व्यवस्था के तहत संचालित होती है।

पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री ने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में कोडीन युक्त कफ सिरप को वैध आपूर्ति श्रृंखला से हटाकर फर्जी बिलिंग, कूटरचित दस्तावेज और अवैध माध्यमों से अन्य राज्यों तथा पड़ोसी देशों तक तस्करी की जा रही थी। ऐसे मामलों को संगठित अपराध मानते हुए कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश के 31 जिलों में 74 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। इस दौरान 12 लाख 65 हजार 455 से अधिक बोतलें और शीशियां कोडीन युक्त कफ सिरप की बरामद की गई हैं। 75 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और 132 फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मुख्य साजिशकर्ताओं पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।

वित्त मंत्री ने बताया कि कोडीन युक्त सिरप के अवैध कारोबार से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को चिन्हित कर जब्ती की कार्रवाई भी तेजी से की जा रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रदेश सरकार नशामुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और तस्करों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी उसी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

 

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