बाराबंकी: विद्यालय की सूरत बदलने में लगे प्रधानाध्यापक दिलीप दीक्षित
बाराबंकी, अमृत विचार। सुरजवापुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलीप दीक्षित विद्यालय की सूरत बदलने के लिए लगे हुए है। दिलीप दीक्षित सहित विद्यालय के सहयोगी शिक्षक इस समय गणतंत्र दिवस की तैयारी कर रहे है। मजदूरों को अपने पास से दैनिक मजदूरी देकर विद्यालय परिसर में मिट्टी पटाई का काम चल रहा है। विद्यालय ही …
बाराबंकी, अमृत विचार। सुरजवापुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलीप दीक्षित विद्यालय की सूरत बदलने के लिए लगे हुए है। दिलीप दीक्षित सहित विद्यालय के सहयोगी शिक्षक इस समय गणतंत्र दिवस की तैयारी कर रहे है।
मजदूरों को अपने पास से दैनिक मजदूरी देकर विद्यालय परिसर में मिट्टी पटाई का काम चल रहा है। विद्यालय ही नही बल्कि विद्यालय के साथ गाँव को जाने के लिये ग्रामीणों के उभड़ खाभड़ रास्ते पर मिट्टी डलवाकर उसको सुगम बनाने का कार्य किया जा रहा है। वही विद्यालय परिसर में फूलों को उपजाने के लिये क्यारियां बनाने का काम चल रहा है।
ग्रामीण केशव राम ने बताया कोरोना काल मे विद्यालय में तैयार कद्दू लौकी से गाँव के दर्जनों गरीब के यहां सब्जी पहुंची है। आज भी विद्यालय की सब्जी ग्रामीण खा रहे है। ग्रामीण चेतराम ने बताया मास्टर साहब हमारे बच्चों को ही नही पढ़ा रहे बल्कि हम लोगो को भी बहुत सी शिक्षा देते है गुरु जी गाँव के लोगो के बुरे वक्त पर मददगार भी है।
गाँव मे घटी एक घटना का जिक्र कर ग्रामीण ने बताया की एम्बुलेंस आने में देरी हुई तो मरीज को अपनी गाड़ी से अस्पताल तक पहुँचाया है। दिलीप कुमार ने बताया प्रकृति हमारी जननी है बच्चों को अभी से पेड़ पौधों और पर्यावरण को बचाने के लिये प्रेम होगा तो वह जिंदगी भर पर्यावरण से प्रेम करेंगे। पर्यावरण को बचाने का प्रयास करेंगे। पोषण वाटिका से बच्चों को कृषि के महत्व को समझने का भी मौका मिलेगा।
