Bareilly: हंगामे के बीच 978 करोड़ के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी, एजेंसी का दगा तो लंगूर भगाएगा बंदर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। नगर निगम की सोमवार को आयोजित पुनरीक्षित विशेष बजट बैठक में भारी हंगामे के साथ ही पार्षदों का नया अंदाज देखने को मिला। किसी ने गाना गाकर अफसरों पर तंज कसे तो किसी ने सीधे ही शहर के विकास को कागजी आइना साबित करते हुए अफसरों की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए। बैठक में पूर्व की भांति पार्षदों ने सबसे पहला मुद्दा कुत्तों और बंदरों के आतंक का ही उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग को घेरा। वहीं टैक्स प्रणाली की विसंगतियों पर भी सवाल उठाए। आम जन की सुविधाओं को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। आरोप-प्रत्यारोप के बीच 978 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी मिली।

मेयर डा. उमेश गौतम की अध्यक्षता में सोमवार सुबह करीब 11 बजे बोर्ड की पुरीक्षित बजट को लेकर बैठक हुई। सबसे पहले सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने क्या हुआ तेरा वादा वो कसम वो इरादा गाना गाकर अफसरों पर तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाए कि टैक्स वसूली लगातार घट रही है, जिससे नगर निगम की आय प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। वहीं दीपावली पर प्रत्येक वार्ड में 25 नई लाइटें लगाए का आदेश मेयर ने दिया था, लेकिन कई वार्डों में 10 लाइट ही लगीं। पार्षदों ने बताया कि पिछले वर्ष नगर निगम ने किरायेदारों से एक करोड़ रुपये से अधिक किराया वसूला था, जबकि इस वर्ष अब तक करीब 40 लाख रुपये ही वसूले जा सके हैं। इस पर मेयर ने भी अधिकारियों को सुधार करने के निर्देश दिए। मेयर ने टैक्स वसूली बढ़ाने के संबंध में एक लाख से अधिक के बकायेदारों की सूची तैयार कर वसूली करने का आदेश दिया। पार्षदों ने कहा कि शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था बेपटरी है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लगी एजेंसियों को खुली छूट दी जा रही है। इस पर बैठक में चर्चा हुई, लेकिन सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए गए। हंगामा होता कई बार मेयर ने पार्षदों को चेतावनी देते हुए सदन की गरिमा बनाए रखने को कहा। वहीं बैठक में अंत तक चले हंगामे के बीच 978 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दे दी गई।


एजेंसी दे गई दगा, अब लंगूर भगाएगा बंदर
बैठक में आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक का मुद्दा काफी देर तक गूंजा। पार्षद गौरव सक्सेना, राजेश अग्रवाल, छंगामल मौर्य, अब्दुल कयूम मुन्ना समेत तमाम पार्षदों ने आरोप लगाया कि बंदरों को पकड़ने में घोर लापरवाही की जा रही है। इन जानवरों को पकड़कर दोबारा से शहर के दूसरे इलाके में छोड़ दिया जाता है। इस पर मेयर ने स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी मांगी तो बताया कि कुत्तों को पकड़ने के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है। हालांकि बंदर पकड़ने के लिए किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है। पार्षदों के सुझाव पर वन विभाग से अनुमति लेकर बंदरों का प्रकोप कम करने को लंगूर मंगाने पर सहमति बनी है।

डीडीपुरम में हाउस टैक्स घोटाला, लेकिन कार्रवाई कागजों में
पार्षद राजेश अग्रवाल ने बैठक में कहा कि बीते बोर्ड बैठक में डीडीपुरम इलाके में हाउस टैक्स से जुड़े मामले में बड़ा घोटाला सामने आया था लेकिन लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।

कूड़ा कलेक्शन पर 5 करोड़, 6.50 करोड़ से नाला सफाई
बैठक में एक बार फिर सर्व सम्मति से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर पांच करोड़ रुपये खर्च करने की सहमति बनी है। इसके साथ ही जल निकासी को लेकर भी करीब 6.50 करोड़ का बजट नालों की सफाई के लिए आरक्षित किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय वायु स्वच्छ कार्यक्रम 52 करोड़, छुट्टा पशु और आवारा कुत्तों को पकड़ने में 1 करोड़, कान्हा उपवन पर 3.50 करोड़ से 5 करोड़ व पार्कों के सौन्दर्यीकरण के लिए 10 करोड़ का बजट आरक्षित किया गया है।

शहर में लगाने को खरीदी जाएंगी 7 हजार लाइटें
शहर के हर वार्ड की गलियां रोशन हो सकें इसके लिए भी पार्षदों की मांग पर मेयर ने 7 हजार लाइटें खरीदने की भी अनुमति प्रदान की है। इन लाइटों को खरीदने की प्रक्रिया भी अगले माह से आरंभ कर दी जाएगी।

बजट एक नजर में
-प्रारंभिक अवशेष - 329 करोड़
-प्राप्तियां - 649 करोड़
-अंतिम अवशेष - 198 करोड़
-कुल योग - 978 करोड़

 मेयर डा. उमेश गौतम ने बताया कि आम जन की सुविधाओं और शहर के विकास के लिए बजट को मंजूरी दी गई है। जल्द कार्य धरातल पर आएं जिससे लोगों को लाभ मिले इसके निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। नगर निगम अपनी आय बढ़ा रहा है और विकास कार्यों पर खर्च भी खूब कर रहा है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के मुताबिक बैठक में आय-व्यय को लेकर चर्चा हुई है। शहर को विकास के पथ पर अग्रणी बनाने के लिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

 

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