अश्विन का ICC को कड़ा संदेश: 'टी20 वर्ल्ड कप 2026 कोई नहीं देखेगा', फॉर्मेट और शेड्यूलिंग पर साधा निशाना
नई दिल्ली: पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ICC पर जोरदार हमला बोला है। अपने यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' पर उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की प्लानिंग को आड़े हाथों लिया और साफ कहा कि इस बार का टूर्नामेंट कोई नहीं देखेगा। वजह बताते हुए अश्विन ने कमजोर टीमों से शुरुआती मुकाबले और ICC इवेंट्स की बढ़ती संख्या को जिम्मेदार ठहराया।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में हो रही है, जो 8 मार्च तक चलेगा। टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें पांच ग्रुप्स में बांटा गया है। भारत ग्रुप ए में है, जहां उसके साथ पाकिस्तान, अमेरिका, नामीबिया और नीदरलैंड्स हैं। भारत अपना पहला मैच अमेरिका से खेलेगा।
अश्विन ने कहा, "इस बार ICC टी20 वर्ल्ड कप कोई नहीं देखने जाएगा। भारत vs अमेरिका, भारत vs नामीबिया जैसे मैच दर्शकों को टूर्नामेंट से दूर भगा देंगे। पहले वर्ल्ड कप चार साल में एक बार आता था, जिससे उत्साह अपने आप बनता था। हम स्कूल में शेड्यूल कार्ड इकट्ठा करते थे, मैचों का इंतजार करते थे। भारत की शुरुआती भिड़ंत इंग्लैंड या श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों से होती थी, जो रोमांच पैदा करती थी।"
उन्होंने आगे चेतावनी दी कि अगर शुरुआती राउंड में ऐसे एकतरफा मैच हुए तो सुपर-8 तक आते-आते टूर्नामेंट सुस्त पड़ जाएगा। अश्विन का मानना है कि ICC इवेंट्स की लगातार हो रही बारिश ने वर्ल्ड कप की खासियत खत्म कर दी है। 2010 के बाद से लगभग हर साल कोई न कोई बड़ा टूर्नामेंट हो रहा है, जिससे उत्सुकता कम हो गई है।
इसके अलावा, अश्विन ने वनडे क्रिकेट के भविष्य पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि टी20 की लोकप्रियता के आगे वनडे फॉर्मेट धीरे-धीरे अपना महत्व खो रहा है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप के बाद ICC को इस पर गंभीरता से सोचना पड़ सकता है, क्योंकि दर्शक अब टी20 की ओर ज्यादा झुक रहे हैं।
अश्विन की यह टिप्पणी क्रिकेट जगत में बहस छेड़ सकती है, क्योंकि ICC वैश्विक स्तर पर खेल को बढ़ावा देने के लिए ज्यादा टीमों को शामिल कर रहा है, लेकिन पूर्व खिलाड़ी इसे रोमांच कम करने वाला बता रहे हैं।
