Vijay Hazare Trophy : तूफानी शतक से हार्दिक ने उड़ाया गर्दा...दिल्ली के लिए वरदान बने हर्षित राणा-प्रिंस, सुर्खियों में कर्नाटक के ओपनर
राजकोट। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने शनिवार को विजय हजारे ट्रॉफी के एलीट ग्रुप बी मुकाबले में विदर्भ के खिलाफ 92 गेंदों में 11 छक्कों की मदद से 133 रनों की तूफानी शतकीय पारी खेलते हुए जहां अपनी टीम बड़ौदा को 293 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय सीरीज के लिए अपने दावे को मजबूती से पेश किया। आज यहां टॉस जीतकर विदर्भ ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
बल्लेबाजी करने उतरी बड़ौदा शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने विदर्भ के गेंदबाजी आक्रमण के आगे लगातार विकेट गंवाये। एक समय 19.1 ओवर में बड़ौदा ने 71 के स्कोर पर अपने पांच विकेट गंवा दिये थे। अमित हरिराम पासी (शून्य) और नित्य पंड्या (15) को नचिकेत भूटे ने आउट किया।
प्रियांशु मोलिया (16), अतीत सेठ (21) और जितेश शर्मा (नौ) रन बनाकर आउट हुये। ऐसे संकट के समय बल्लेबाजी करने आये हार्दिक पंड्या ने कप्तान क्रुणाल पंड्या के साथ पारी को संभाला और तेजी के साथ रन बटोरते हुए छठे विकेट के लिए 65 रन जोड़े। 31वें ओवर में पार्थ रेखड़े ने क्रुणाल पंड्या (23) को आउट कर इस साझेदारी का अंत किया। इसके बाद 37वें ओवर में विष्णु सोलंकी भी 26 रन बनाकर पार्थ रेखड़े का शिकार बन गये।
इस दौरान हार्दिक ने अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 92 गेंदों में आठ चौके और 11 छक्के उड़ाते हुए (133) रनों की तूफानी पारी खेली। उन्होंने 46वें ओवर में यश ठाकुर ने आउट किया। बड़ौदा ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट पर 293 रनों का स्कोर बनाया। महेश पिठिया (18) और करण उमट्ट 13 रन बनाकर नाबाद रहे। विदर्भ के लिए यश ठाकुर ने चार विकेट लिये। नचिकेत भूटे और पार्थ रेखड़े को दो-दो विकेट मिले। प्रफुल हिंगे ने एक बल्लेबाज को आउट किया।
हर्षित राणा और प्रिंस यादव के दम पर दिल्ली ने सर्विसेज को 178 पर रोका
हर्षित राणा (चार विकेट) और प्रिंस यादव (तीन विकेट) की घातक गेंदबाजी के दम पर दिल्ली ने शनिवार को विजय हजारे ट्रॉफी के एलीट ग्रुप डी मुकाबले में सर्विसेज की पारी को 42.5 ओवरों में 178 के स्कोर पर समेट दिया। आज यहां दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी सर्विसेज के बल्लेबाज दिल्ली की बेहतरीन गेंदबाजी आगे जूझते रहे और नियमित अंतराल पर एक के बाद एक विकेट गंवाते रहे।
उसका कोई भी बल्लेबाज 26 रन से अधिक का स्कोर नहीं कर पाया। विकास हाथवाला ने सर्विसेज के लिए सर्वाधिक 26 रन बनाये। राज बहादुर (25), पूनम पूनिया (23), कप्तान पुलकित नारंग (22), इरफान अली (17), नुकुल शर्मा (13), रवि चौहान (11) रन बनाकर आउट हुये। सर्विसेज की टीम 42.5 ओवर में 178 के स्कोर पर सिमट गई। दिल्ली के लिए हर्षित राणा ने चार विकेट लिये। प्रिंस यादव को तीन विकेट मिले। इशांत शर्मा, आयुष बदोनी और हर्ष त्यागी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।
पांच पारियों में पडिक्कल के चौथे शतक ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया
कर्नाटक के ओपनर देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर दिखाया कि उन्हें भारत के सबसे होनहार युवा बल्लेबाजी प्रतिभाओं में से एक क्यों माना जाता है, उन्होंने त्रिपुरा के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी के राउंड 5 में रविवार को शानदार शतक लगाया। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज नजदीक होने के कारण, पडिक्कल की लगातार घरेलू फॉर्म ने उन्हें राष्ट्रीय चयन के लिए सुर्खियों में ला दिया है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कर्नाटक की पारी की शुरुआत मुश्किल रही, जहां हरी पिच गेंदबाजों के लिए मददगार थी।
त्रिपुरा के अभिजीत सरकार की शुरुआती गेंदों ने कर्नाटक को 6/2 पर ला दिया, जिसमें कप्तान मयंक अग्रवाल (5) और करुण नायर (0) आउट हो गए। इस नाजुक मोड़ पर, पडिक्कल ने पारी को संभालने के लिए कदम रखा। संयम और नियंत्रित आक्रामकता का तालमेल बिठाते हुए, पडिक्कल ने स्मरन रविचंद्रन (60) के साथ मिलकर सावधानी से अपनी पारी को आगे बढ़ाया, और 136 रन की साझेदारी की, जिसने कर्नाटक को तत्काल खतरे से बाहर निकाला।
पडिक्कल आखिरकार 108 रन बनाने के बाद अभिजीत की गेंद पर आउट हो गए, जो उन्होंने 120 गेंदों में बनाए थे, इस पारी में आठ चौके और तीन छक्के शामिल थे, जो इस सीजन में पांच पारियों में उनका चौथा शतक था। टूर्नामेंट में उनके स्कोर अब 147, 124, 22, 113, और 108 हैं, जो लिस्ट-ए क्रिकेट में उनकी उल्लेखनीय निरंतरता को दर्शाता है। उनकी बल्लेबाजी में परफेक्ट टाइमिंग, शानदार स्ट्रोकप्ले और दबाव में स्ट्राइक रोटेट करने की क्षमता दिखी, जिससे कर्नाटक एक मजबूत स्थिति में बना रहा।
कर्नाटक ने 50 ओवर में सात विकेट पर 332 रन का मजबूत स्कोर बनाया। पडिक्कल की पारी ने न केवल कर्नाटक को शुरुआती झटकों से बचाया, बल्कि केएल राहुल (35) और अभिनव मनोहर (58) जैसे मध्य क्रम के बल्लेबाजों को पारी को गति देने के लिए एक मंच भी प्रदान किया।
दबाव को संभालने और परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की उनकी क्षमता उन्हें कर्नाटक के लिए एक अमूल्य संपत्ति और भारत की सीमित ओवरों की टीम के लिए एक गंभीर दावेदार बनाती है। चयनकर्ता निश्चित रूप से पडिक्कल की फॉर्म पर ध्यान देंगे क्योंकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) आज न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी तीन मैचों की सीरीज के लिए वनडे टीम की घोषणा करेगा।
गिल की गैरमौजूगी पंजाब ने सिक्किम को 10 विकेट से रौंदा
अर्शदीप सिंह (पांच विकेट) के बाद कप्तान प्रभसिमरन सिंह (नाबाद 53) की अर्धशतकीय पारी की बदौलत पंजाब ने शनिवार को विजय हजारे ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी मुकाबले में सिक्किम को 262 गेंदे शेष रहते 10 विकेट से रौंद कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। 76 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब ने 6.2 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाये 81 रन बनाकर मुकाबला 10 विकेट से जीत लिया।
कप्तान प्रभसिमरन सिंह ने 26 गेंदों में चार चौके और पांच छक्के उड़ाते हुए 53 रनों की नाबाद पारी खेली। हरनूर सिंह ने 13 गेंदों में नाबाद 22 रन बनाये। इससे पहले आज यहां शुभमन गिल की गैरमौजूगी में खेल रही पंजाब ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी सिक्किम की टीम पंजाब के गेंदबाजी आक्रमण का सामना नहीं कर सकी और पूरी टीम 22.2 ओवर में मात्र 75 रन के स्कोर पर सिमट गई।
पलजोर तमांग ने सिक्किम के लिए सर्वाधिक 13 रन बनाये। उनके अलावा गुरिंदर सिंह (10) और एम डी सपतुल्ला (10) रन बनाकर आउट हुये। शेष बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। पंजाब के लिए अर्शदीप सिंह ने 10 ओवरों 34 रन देकर पांच विकेट झटके। अर्शदीप को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। सुखदीप सिंह बाजवा और मयंक मार्कंडेय को दो-दो विकेट मिले। गुरनूर बरार ने एक बल्लेबाज को आउट किया।
ये भी पढ़े :
BBD League: इन टीमों के खिलाडियों ने दिखाया अपना दम, मैच जीतकर स्कोर बोर्ड पर हासिल किये पूरे अंक
