मेस्सी के लिए फैंस ने लुटाए लाखों, अर्जेंटीना-स्पेन फाइनल में हजारों डॉलर खर्च कर पहुंचे प्रशंसक
ईस्ट रदरफोर्ड। फुटबॉल विश्व कप का फाइनल सिर्फ मैदान पर खेला गया मुकाबला नहीं था, बल्कि यह जुनून, भावनाओं और प्रशंसकों की दीवानगी का भी शानदार नजारा था। अर्जेंटीना और स्पेन के प्रशंसकों ने इस ऐतिहासिक मुकाबले को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्टेडियम में गूंजते गीत, ढोल की आवाज, सीटियां और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हॉलीवुड अभिनेता टॉम क्रूज़ का विश्व कप को एकता का प्रतीक बताने वाला भाषण भी दब गया।
इस मुकाबले को देखने के लिए हजारों प्रशंसक दुनियाभर से पहुंचे थे। खासकर अर्जेंटीना के समर्थकों के लिए यह मैच बेहद भावुक था, क्योंकि यह संभवतः महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी का आखिरी विश्व कप मुकाबला था। मेस्सी को खेलते देखने की चाहत में प्रशंसकों ने टिकटों, यात्रा, ठहरने और अन्य खर्चों पर हजारों डॉलर तक खर्च कर दिए।
ब्यूनस आयर्स से न्यूजर्सी पहुंचे अर्जेंटीना के प्रशंसक मैनुअल लोपेज मैकोटा ने कहा, "पैसा तो आता-जाता रहता है। यह जिंदगी में एक बार मिलने वाला मौका है। आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को उसके आखिरी विश्व कप मैच में खेलते देख रहे हैं। इसके सामने पैसा कुछ भी नहीं है।" मैकोटा ने इस फाइनल के टिकट के लिए करीब 10 हजार डॉलर खर्च किए। वहीं उनके दोस्त सैंटियागो बुरकाको ने टिकट पर करीब 5 हजार डॉलर खर्च किए। उनका कहना था कि उन्होंने फाइनल से पहले ही टिकट खरीद लिया था, क्योंकि वह इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनना चाहते थे।
अर्जेंटीना की प्रशंसक गुआडालूप विलार और उनके पति भी अपनी लगभग दो साल की बेटी के साथ फाइनल देखने पहुंचे। सेमीफाइनल की टिकट प्रतियोगिता जीतने के बाद उन्होंने घर लौटने के बजाय फाइनल देखने का फैसला किया और प्रति व्यक्ति करीब 7 हजार डॉलर खर्च कर टिकट खरीदा। विलार ने कहा, "हम दोनों नौकरी करते हैं और कुछ बचत भी थी। हमने सोचा कि इस छुट्टी को थोड़ा और यादगार बनाया जाए। हार दुखद है, लेकिन यह एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।"
हालांकि मैदान पर अर्जेंटीना के प्रशंसकों को निराशा हाथ लगी। स्पेन ने अतिरिक्त समय में फेरान टोरेस के गोल की मदद से अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल से पहले ही स्टेडियम के बाहर प्रशंसकों का उत्साह देखने लायक था। लंबी कतारों के बावजूद दोनों देशों के समर्थक अपनी-अपनी भाषाओं में गीत गाते, नारे लगाते और झंडों के साथ जश्न मनाते नजर आए। स्पेन के प्रशंसक लाल और पीले रंग की चमकदार विग पहनकर अपनी टीम का उत्साह बढ़ा रहे थे।
विश्व कप फाइनल के टिकटों की कीमतें आसमान छू रही थीं, लेकिन मेस्सी को आखिरी बार विश्व कप मंच पर देखने की चाहत ने प्रशंसकों को पीछे नहीं हटने दिया। मैड्रिड के कुरो सांचेज ने भी टिकट के लिए करीब 8 हजार डॉलर खर्च किए। यह फाइनल सिर्फ जीत और हार की कहानी नहीं था, बल्कि उन प्रशंसकों की भावनाओं का प्रमाण था, जिन्होंने फुटबॉल के इस ऐतिहासिक पल को अपनी जिंदगी की सबसे खास याद बनाने के लिए हर कीमत चुकाई।
