कानपुर : बैक आने पर बीएएमएस थर्ड ईयर के छात्र ने फंदा लगाकर दी जान, साथियों ने कहा- तनाव में रहता था शैलेंद्र
कानपुर, अमृत विचार। बिठूर में रामा आयुर्वेदिक मेडिकल इंस्टीट्यूट के बीएएमएस थर्ड ईयर छात्र ने बैक आने पर किराए के कमरे में खुदकुशी कर ली। फंदे से शव लटका देख दोस्त ने पुलिस व इंस्टीट्यूट प्रशासन को खबर दी। पुलिस ने शव फंदे से उतार पोस्टमार्टम भिजवाया। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। वहीं बेटे की मौत की खबर पर परिजनों को कोहराम मच गया।
मूलरूप से चित्रकूट के कर्बी निवासी 27 वर्षीय शैलेंद्र कुमार रामा आयुर्वेदिक मेडिकल इंस्टीट्यूट से बीएएमएस थर्ड ईयर का छात्र था। छह माह पहले हॉस्टल छोड़कर बगधौदी बांगर में किराए पर रहने लगा था। परिवार में पिता बृज किशोर, दो भाई लालेंद्र, योगेंद्र हैं। मां गीता देवी की 18 साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
पिता के अनुसार शैलेंद्र ने 2021-22 बैच में रामा आयुर्वेदिक मेडिकल इंस्टीट्यूट में बीएएमएस की पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया था। शैलेंद्र के दोस्तों ने बताया कि आठ सितंबर से थर्ड ईयर के पेपर शुरू हुए थे। नवंबर में रिजल्ट आया तो उसकी तीन विषय अगदतंत्र, रस शास्त्र, रोग निदान एवं विकृत विज्ञान में बैक आई थी। प्रैक्टिकल के अंक नहीं जुड़े थे। जिससे वह परेशान था। बैक आने के बाद से वह तनाव में रह रहा था।
पड़ोस में रहने वाले साथी ने बताया कि शनिवार सुबह उसने मित्रों से फोन पर बात की है। इसके बाद कमरे में फांसी लगा ली। जब पड़ोसी दोस्त मिलने आया और कमरे में झांककर देखा तो शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस ने फंदे से शव उतरवाया और परिजनों को खबर दी।
दोस्तों ने बताया कि पहले भी उसकी बैक आई थी, लेकिन क्लीयर कर लिया था। साल भर पहले परीक्षा के पूर्व भाग चुका था। साथियों ने बताया कि वह अक्सर किसी ने किसी तनाव में ही रहता था। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि छात्र की दो बार बैक आने से वह परेशान था। एक बार पेपर भी नहीं दिया था और भाग गया था। इसी के चलते फांसी लगाकर जान दी है।
पहले भी भागा था तो समझाकर भेजा
शैलेंद्र के पिता के अनुसार पहले सेमेस्टर में भी बैक आई थी। इस पर वह पेपर छोड़कर भागा था। घर जाने के लिए निकला था, लेकिन दिल्ली चला गया था। इस पर उसका बड़ा भाई लालेंद्र उसे लेकर आया था। समझा कालेज भेजा था, तब उसने बैक क्लीयर की।
फोन करके पिता से रिचार्ज कराया मोबाइल
पिता के अनुसार एक दिन पहले शुक्रवार शाम को बेटे ने फोन पर बात की थी। उसके बाद शनिवार सुबह नौ बजे फोन किया और 349 रुपये से मोबाइल रिचार्ज कराया था। मोबाइल रिचार्ज होने पर उसने कॉल किया और कहा कि कमरे का किराया व अन्य खर्च भेज दें। दोपहर तक रकम भेजने को कहा था। उससे पहले करीब दस बजे पुलिस ने फोन कर बेटे के आत्महत्या करने की जानकारी दी।
