पौष पूर्णिमा पर उपवन घाट रोशन: मां गोमती की भव्य आरती से गूंजा ‘नमोस्तुते मां गोमती’, 11 वेदियों से हुई आरती
लखनऊ, अमृत विचार : नमोस्तुते मां गोमती के तत्वावधान में प्रत्येक माह आयोजित होने वाली मां गोमती की आरती के क्रम में शनिवार को पौष माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर डालीगंज स्थित गोमती तट के उपवन घाट पर भव्य आरती का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्राचीन शिवालय श्री मनकामेश्वर मंदिर के महंत देव्यागिरि महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर 11 वेदियों से शंख और घंटियों की ध्वनि के बीच विधिवत मां गोमती की आरती की गई, जिससे पूरा घाट भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।
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सुबह पौष माह की ठंड के बीच मंदिर के सेवादारों और स्वयंसेवकों ने गोमती नदी की सफाई अभियान चलाया। इस दौरान जलकुंभी और कचरा निकालकर नदी को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। दोपहर में उपवन घाट पर रंगोली सजाई गई और घाट की व्यापक साफ-सफाई की गई। मंदिर की प्रमुख सेवादार उपमा पांडेय के साथ अनेक महिला सेवादारों एवं स्वयंसेवकों ने आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाई।
आरती से पूर्व साध्वी गौरजा गिरि ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कराई। आरती के समय दीपों की रोशनी, शंखनाद और घंटियों की गूंज से पूरा गोमती तट आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। इस अवसर पर मां शाकम्बरी देवी की विधिवत पूजा भी की गई। कार्यक्रम के दौरान समाज सुधारक एवं आधुनिक भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
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महंत देव्यागिरि महाराज ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा, विधवा विवाह और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से मां गोमती को स्वच्छ और निर्मल रखने का आह्वान करते हुए कहा कि जल है तो कल है, और गोमती हम सबकी माता है।
