IIT BHU: आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने किया कमाल, इनोवेशन मीट में जीता प्रथम पुरस्कार

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Published By Muskan Dixit
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वाराणसीः भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) के छात्रों ने आईआईटी हैदराबाद में आयोजित प्रतिष्ठित इंटर-आईआईटी अंडरग्रेजुएट इनोवेशन मीट 2026 में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। विजेता टीम में अर्क्य ज्योति घोष एवं सुप्रतीम महापात्रा शामिल हैं, जिन्होंने स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. प्रांजल चंद्रा के मार्गदर्शन में यह नवाचार विकसित किया।

टीम को उनके अभिनव प्रोजेक्ट "हैंडहेल्ड माइक्रो-इमेजिंग डिवाइस" के लिए पांच लाख रुपये की नकद राशि एवं विजेता शील्ड प्रदान की गई। यह अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी में विकसित की गई है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न आईआईटी से सैकड़ों नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए। कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद केवल 21 नवाचारों को आईआईटी हैदराबाद में लाइव डेमोंस्ट्रेशन के लिए चयनित किया गया। इनमें से आईआईटी (बीएचयू) का यह प्रोजेक्ट शीर्ष फाइनलिस्ट्स में स्थान बनाने में सफल रहा और अंततः सभी प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ते हुए कुल विजेता के रूप में उभरा।

पुरस्कार वितरण समारोह में पद्मश्री डॉ. बी.वी.आर. मोहन रेड्डी, संस्थापक अध्यक्ष, सायंट लिमिटेड एवं अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईटी हैदराबाद, जयेश रंजन, आईएएस, प्रधान सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, तेलंगाना सरकार; तथा प्रो. बी.एस. मूर्ति, निदेशक, आईआईटी हैदराबाद सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इन विशिष्ट व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने कार्यक्रम के राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित किया।

इस नवाचार पर टिप्पणी करते हुए प्रो. प्रांजल चंद्रा ने कहा, "हैंडहेल्ड माइक्रो-इमेजिंग डिवाइस एक मजबूत, स्वदेशी रूप से विकसित तकनीक है, जो कैंसर कोशिकाओं एवं सूक्ष्मजीव प्रणालियों सहित विभिन्न कोशिकीय संरचनाओं की इमेजिंग में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है। इसकी प्रमुख विशेषता इसका लघुकरण और स्वचालन है।"

टीम को बधाई देते हुए आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा, "इंटर-आईआईटी जैसे अत्यंत प्रतिस्पर्धी मंच पर शीर्ष पुरस्कार प्राप्त करना आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता संस्थान की नवाचार-संस्कृति, व्यावहारिक अनुसंधान और युवा नवप्रवर्तकों को वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।" 

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