यूपी वोटर लिस्ट 'महासफाई' में योगी का अल्टीमेटम: मंत्रियों-विधायकों को चेतावनी – 'ढील बरती तो नुकसान तुम्हारा होगा'
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों और विधायकों को सख्त हिदायत दी है कि छूटे हुए पात्र वोटरों के नाम जोड़वाएं और अपात्रों को हटवाएं। उन्होंने चेताया कि अगर इस काम में कोताही बरती गई तो सबसे बड़ा नुकसान खुद का होगा।
सीएम ने मंत्रियों को अपने-अपने प्रभारी जिलों में कैंप करने और SIR प्रक्रिया पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब लापरवाही का समय नहीं है – क्षेत्र में रहकर काम करें, ताकि कोई योग्य मतदाता सूची से बाहर न रहे। योगी का मानना है कि मतदाता सूची पर आज की मेहनत भविष्य की राह आसान बनाएगी।
ड्राफ्ट लिस्ट में बड़ा उलटफेर
चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में प्रदेश भर से करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं। पहले 15.44 करोड़ वोटर थे, अब ड्राफ्ट में सिर्फ 12.55 करोड़ बचे हैं। सबसे ज्यादा कटौती लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, बरेली, गोरखपुर, मेरठ, सीतापुर और जौनपुर जैसे जिलों में हुई है। इनमें से कई इलाके भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाते हैं, जिससे पार्टी को अपने समर्थकों के वोट कटने की चिंता सता रही है।
सीएम ने पहले भी दी थी चेतावनी
योगी पहले भी कह चुके हैं कि कटे नामों में 80-90% भाजपा समर्थक हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं से SIR अभियान में सक्रिय होने की अपील की थी। अब ड्राफ्ट आने के बाद उन्होंने इमरजेंसी मोड में मीटिंग बुलाकर टारगेट दिए हैं।
नाम कैसे जुड़वाएं या सुधार करवाएं?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, जिनका नाम छूट गया है या नए वोटर बनना चाहते हैं, उनके पास एक महीने का मौका है। आपत्ति दर्ज कराकर फॉर्म-6 भरें और जरूरी दस्तावेज जमा करें। नाम, उम्र या पता गलत है तो उसे भी ठीक करवाया जा सकता है। दावे-आपत्तियां 6 फरवरी तक स्वीकार होंगी, जबकि फाइनल लिस्ट मार्च में आएगी।
यह प्रक्रिया 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हो रही है, इसलिए सभी पार्टियां अलर्ट मोड में हैं। भाजपा जहां अपने वोट बचाने में जुटी है, वहीं विपक्ष इसे साजिश बता रहा है।
