आधी आबादी के स्वावलंबन की मिशाल बनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनियां, दुग्ध वैल्यू चेन में हजारों महिलायें बनीं लखपति दीदी
9.15 लाख लीटर प्रतिदिन से अधिक दुग्ध का किया जा रहा संग्रहण
लखनऊ, अमृत विचार : उप्र. राज्य आजीविका मिशन, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा प्रदेश में दीनदयाल अन्त्योदय योजना अंतर्गत आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़ी ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आजीविका से जोड़ते हुए उन्हें लखपति महिला बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है, एवं विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ा जा रहा है ,ताकि वे सालाना कम से कम एक लाख या उससे अधिक की आय अर्जित कर सकें।
बुन्देलखण्ड में संचालित बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। कम्पनी दुग्ध उत्पादकों से दुग्ध एकत्र करने के बाद उसे संरक्षित कर बेचती हैं। महिलाओं की इस साहसिक पहल ने उनकी आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चलाई जा रही कम्पनी सदस्यों को पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था, कृत्रिम गर्भाधान, गुणवत्तायुक्त पशु आहार आदि सुविधाएं भी मुहैया करा रही है ।
बुन्देलखण्ड अन्तर्गत सातों जनपदों के 1351ग्रामों से 90 हजार महिलाओं द्वारा प्रतिदिन 2.72लाख लीटर से अधिक दुग्ध का संग्रह किया जा रहा है। कम्पनी में लगभग 20 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। दुग्ध वैल्यू चैन अंतर्गत पांच कंपनियों बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी, सामर्थ्य मिल्क प्रोडूसर कंपनी, काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी, बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोडूसर कंपनी एवं सृजनी मिल्क प्रोडूसर कंपनी द्वारा प्रदेश के 31 जिलों के 5205 ग्रामो के 2.89 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों के द्वारा 9.15 लाख लीटर अधिक दुग्ध का संग्रह प्रति दिन करते हुए आय सृजन का कार्य किया जा रहा है। अभी तक इन दुग्ध वैल्यू चेन में 45,611 से अधिक सदस्य लखपति की श्रेणी में आ चुके है।
