सुलतानपुर में सहायक अध्यापक निलंबित, शिक्षिकाओं-बच्चों के साथ अभद्रता का आरोप
सुलतानपुर, अमृत विचारः शिक्षिकाओं और बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोपों में एक सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने अभिभावकों एवं अन्य शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए यह कार्रवाई की है। खंड शिक्षा अधिकारी भदैंया ने रिपोर्ट दी है कि प्राथमिक विद्यालय भरसारे में तैनात सहायक अध्यापक राघवेंद्र द्विवेदी के विरुद्ध लगभग 45 अभिभावकों, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, भाजपा मंडल अध्यक्ष राम मूर्ति वर्मा तथा आईजीआरएस के माध्यम से शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
शिकायतों में आरोप था कि वह अभिभावकों से अपशब्दों का प्रयोग करते हैं, शिक्षिकाओं से गाली-गलौज करते हैं तथा बच्चों के सामने उन्हें ‘चोर-चोर’ कहकर अपमानित करते हैं। शिकायतों के आधार पर 11 दिसंबर 2025 को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की रसोइयों मनभावती, रेखा, सरोजा, सरिता और लगभग 11 अभिभावकों से अलग-अलग पूछताछ की गई। सभी ने सहायक अध्यापक द्वारा शिक्षिकाओं से अभद्रता करने, रसोइयों से जातिवाचक शब्दों के प्रयोग की पुष्टि की। अभिभावकों ने यह भी कहा कि यदि उक्त शिक्षक विद्यालय में बने रहे तो वे अपने बच्चों को स्कूल से हटाने को मजबूर होंगे।
जांच आख्या में राघवेंद्र द्विवेदी को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, शिक्षा का अधिकार अधिनियम का पालन न करने, विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित करने तथा कर्मचारी नियमावली के प्रतिकूल आचरण का दोषी मानते हुए कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसके बाद 17 दिसंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी कर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा गया। 30 दिसंबर 2025 को प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर बीएसए ने उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
