बदायूं : नौकरी दिलाने के नाम पर करते थे ठगी, चार युवतियों समेत पांच गिरफ्तार
शहर के मोहल्ला नई सराय में संचालित किया जा रहा था फर्जी कॉल सेंटर
बदायूं, अमृत विचार। शहर में लोगों को बैंक और फाइनेंस कंपनी में नौकरी दिलाने देने के बहाने ठगी करने का गिरोह संचालित किया जा रहा था। मोहल्ला नई सराय के एक मकान में कॉल सेंटर चलाकर लोगों को फोन करके झांसे में लेकर ठगी की जा रही थी। साइबर थाना पुलिस एक मोबाइल नंबर के सहारे गिरोह तक पहुंची। सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनमें चार युवतियां हैं। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जेल भेजा गया। उनके दो साथी अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। प्रेस वार्ता करके एसपी सिटी विजयेंद्र द्विवेदी ने गिरोह की जानकारी दी।
साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों की विवेचना के दौरान प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार वर्धन को एक मोबाइल नंबर की जानकारी मिली। जिसपर साइबर फ्राड की पांच शिकायतें दर्ज थीं। उन्होंने उस मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो वह सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नई सराय में मिली। लोकेशन के आधार पर पुलिस एक गली में बने मकान में पहुंची। जिसका दरवाजा खुलवाया तो एक कमरा छोटे ऑफिसों के रूप में मिला। जहां तीन युवतियां और एक युवक काम कर रहे थे। जिनकी गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। युवतियां अलग-अलग नंबरों पर फोन करके लोगों को झांसे में लेने का काम कर रही थी। पुलिस ने चारों को पकड़ लिया। उनकी निशानदेही पर एक अन्य महिला को पकड़ा।
मौके से एक लेपटॉप, एक प्रिंटर, 7 स्मार्ट फोन व चार कीपैड मोबाइल, 23 सिम कार्ड, मुबई की बैंक शाखा की मुहर, एक हाजिरी रजिस्टर, किरायानामा की छायाप्रति आदि बरामद हुई। वह लोग कुछ शिकायतों में साढ़े चार लाख की ठगी कर चुके थे। एनसीआरपी पोर्टल (राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर 10 मामले दर्ज हैं। पुलिस सभी को हिरासत में ले गई। जहां पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह वर्क इंडिया साइट पर अलग-अलग राज्य जैसे बिहार, नागपुर, महाराष्ट्र्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्टर कराते हुए रुपये ट्रांसफर कराकर ठगी करते हैं।
पुलिस ने मौके से इन्हें किया गिरफ्तार
आरोपियों ने अपना नाम मूसाझाग क्षेत्र के गांव गोविंद नगला निवासी विवेक पुत्र सुरेश सिंह, सिविल लाइन क्षेत्र के गांव बरातेगदार निवासी आकांक्षा पटेल पुत्री जितेंद्र सिंह, गांव लखनपुर निवासी अंशू पटेल पुत्री दीपक सिंह, नगर पंचायत गुलड़िया के वार्ड 9 निवासी ईशा साहू पुत्री प्रेमशंकर, उझानी क्षेत्र के गांव बरामयखेड़ा निवासी मीनाक्षी पुत्री राजकुमार सिंह बताया। विवेक गिरोह का सरगना है। वह नाम बदलकर जैसे राजीव, रिया शर्मा, नाव्या शर्मा, कृतिका शर्मा, निधि शर्मा आदि बनकर ठगी करते थे।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में यह रहे शामिल
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार वर्धन के साथ उपनिरीक्षक रजत यादव, राकेश कुमार, हेड कांस्टेबल निपेंद्र यादव, विनय कुमार, कांस्टेबल संतोष गंगवार, राज चौधरी, पंकज कुमार, शुभम पाल, प्रियंका, ज्योति रहे।
