PM Ajay Yojana: गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, कार्यों की हो सख्त मॉनिटरिंग, समिति की बैठक में बोले डीएम
बाराबंकी, अमृत विचार। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पी.एम.-अजय) के घटक प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय परियोजना अनुमोदन समिति की बैठक हुई। बैठक में जनपद की चयनित ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि पी.एम.-अजय योजना के अंतर्गत जनपद की कुल 46 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें विकास खंड बंकी, दरियाबाद, पूरेडलई एवं फतेहपुर की एक-एक, सूरतगंज की दो, देवा की तीन, रामनगर की चार, हरख की नौ, निन्दूरा की दस तथा सिद्धौर की 14 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि पी.एम.-अजय योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल ग्राम पंचायतों का समग्र विकास करना है।
योजना के तहत ग्रामों में आधारभूत अवस्थापना सुविधाओं का विकास, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जाना है। बैठक में चयनित ग्राम पंचायतों की ग्राम विकास योजनाओं (वीडीपी) के अनुमोदन, क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं उच्च गुणवत्ता के साथ कराए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई स्तर के अधिकारी प्रत्येक स्तर पर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे, जिससे कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूर्ण हो सकें।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए और योजना का वास्तविक लाभ पात्र लाभार्थियों तक अवश्य पहुंचे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
