Ayodhya News: जांच में निर्मला हाॅस्पिटल प्रबंधन की मिली गड़बड़ी, इलाज में चिकित्सकीय लापरवाही उजागर
सरोज मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग ने की चिकित्सीय लापरवाही की पुष्टि, जांच अधिकारी जल्द सौंपेंगे सीएमओ को रिपोर्ट
अयोध्या, अमृत विचार : सरोज कौशल मौत के मामले में आखिरकार निर्मला हाॅस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही उजागर हो ही गई। दोनों नर्सों के बयान के बाद जांच अधिकारी ने साफ कर किया कि इलाज में हॉस्पिटल प्रबंधन का रोल ठीक नहीं रहा है। मरीज को ठीक ढंग से इलाज भी नहीं मिला। उसकी चिकित्सकीय देखरेख भी अच्छे से नहीं की गई। जांच अधिकारी अब तक हुई जांच की पूरी रिपोर्ट कंपाइल कर शीघ्र ही क्लोजर रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। जांच अधिकारी अभी कार्रवाई की प्रकृति को लेकर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।
निर्मला हाॅस्पिटल में इंजेक्शन के कथित ओवरडोज के बाद कनीगंज निवासी सरोज की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मौत के बाद सरोज के पुत्र सुशील कौशल ने इंजेक्शन का ओवरडोज और लापरवाही की शिकायत करते हुए न्याय की मांग की थी। मामला तूल पकड़ने के बाद हरकत में आए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर हाॅस्पिटल का आईसीयू, ओटी व आईपीडी सील कर दिया गया था। उसके बाद आगे की जांच पर कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस भी रद कर दिया गया। उसके बाद निर्मला हाॅस्पिटल के कर्मियों के बयान की कार्रवाई शुरू की गई।
विभाग द्वारा तैयार सूची में से दो स्टाफ नर्स काफी प्रयास के बाद भी बयान देने सीएमओ कार्यालय नहीं आई। थक हारकर विभाग ने एसएसपी को पत्र भेज मदद मांगी। एसएसपी के निर्देश पर सीओ ने दोनों को बयान के लिए सीएमओ ऑफिस जाने के निर्देश दिए। शुक्रवार को दोनों नर्स बयान देने के लिए सीएमओ ऑफिस पहुंची और दो जांच अधिकारी के समक्ष करीब डेढ़ से दो घंटे अपना बयान दर्ज कराया। जांच अधिकारी द्वारा कई सवाल किए गए।
सूत्रों की मानें तो इंजेक्शन के ओवरडोज को लेकर पूछताछ में खुल कर नहीं स्वीकार किया गया। जांच अधिकारी भी अब इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि सरोज की मौत मामले में निर्मला हाॅस्पिटल प्रबंधन द्वारा लापरवाही बरती गई। पोस्टमार्टम न होने से ओवरडोज दिए जाने की अधिकृत पुष्टि नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि जांच अधिकारी द्वारा सीएमओ को रिपोर्ट दिए जाने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील कुमार बानियान आगे की कोई बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। पूरे मामले की जांच की क्लोजर रिपोर्ट तैयार किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें दो से तीन दिन लगने की संभावना बताई जा रही है।
दोनों के नाम के खुलासे से बच रहा विभाग
निर्मला हाॅस्पिटल की दोनों नर्स अभी तक अबूझ पहेली बनी हुईं हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा काफी मशक्कत के बाद दोनों के बयान दर्ज करने के बाद भी अभी तक दोनों के नाम और अन्य जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है। यह नर्स निर्मला हाॅस्पिटल में कब से तैनात थीं? पैरामेडिकल को लेकर इनकी योग्यता क्या है? क्या सरोज के इलाज में इन्हीं दोनों उस वक्त तैनात थी? इन कई सवालों का जवाब अभी अनुत्तरित है। इन्हीं को बार-बार बुलाए जाने को लेकर डॉ. बनौधा की पत्नी डॉ. रंजू बनौधा ने सीएमओ कक्ष में घुस कर सीएमओ से हाट टाॅक की थी।
सरोज मौत प्रकरण में सभी के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। मामले की जांच भी पूरी हो गई है। अब तक के बयान के आधार पर चिकित्सीय लापरवाही सामने आई है। पूरी जांच की क्लोजर रिपोर्ट शीघ्र ही सीएमओ को सौंपी जाएगी। आगे की कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा की जाएगी। अब तो सीएमओ जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपेंगे। कार्रवाई के लिए अनुमति मांग सकते हैं।
-डॉ. राजेश चौधरी, डिप्टी सीएमओ व जांच अधिकारी
अभी सिर्फ मानक न पूरा होने के कारण हमारी तरफ से कार्रवाई की गई है। हेपरिन की वजह से मौत हुई है या नहीं। इसको लेकर कन्फ्यूजन है। क्योंकि इसकी सबसे अच्छी राय पोस्टमार्टम से मिलती है। बाकी किन-किन के बयान हुए और क्या निकलकर सामने आया है। इसकी जानकारी नहीं है। अब रिपोर्ट सोमवार को देखूंगा तभी कुछ बता पाऊंगा।
-डॉ. सुशील कुमार बानियान, सीएमओ
