लखनऊ : नशे के विवाद में दोस्तों ने की थी सचिन की हत्या, दो ममेरे भाई गिरफ्तार
लखनऊ, अमृत विचार : नगराम के सचिन तिवारी (25) की हत्या नशे के विवाद में दोस्तों ने की थी। विवाद के दौरान एक साथी ने सिर पर गमला मारा। उसके बाद दूसरे साथी ने चाकू से ताबड़तोड़ वारकर हत्या कर दी थी। उसके बाद शव को चादर में बांधकर फेंकने के बाद पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो ममेरे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्याकांड और शव ठिकाने लगाने में शामिल आरोपियों की मां और एक अन्य अभी फरार हैं।
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में ई-रिक्शा चालक निहाल वाल्मीकि निवासी नेपालगंज तेलीबाग पीजीआई हालपता शारदानगर रजनीखंड आशियाना और ममेरा भाई करन वाल्मीकि निवासी तेलीबाग खान मार्केट खरिका काला चक्की हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू, स्कूटी, खून लगे कपड़े और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हत्याकांड में फरार आरोपी विनय शर्मा उर्फ साहुल निवासी रजमन बाजार कैंट और निहाल की मां कल्पना वाल्मीकि की तलाश में दो टीमें दबिशें दे रही हैं।
एसीपी ऋषभ यादव ने बताया कि 9 जनवरी को भागीरथी एंक्लेव के पास युवक का शव मिला था। शव कि शिनाख्त सोमवार को सचिन तिवारी निवासी टिकरा जुगरात नगराम के रूप में हुई। मृतक के भाई विपिन तिवारी ने पुलिस को बताया था कि सचिन दोस्त निहाल के साथ निकला था। उसके बाद वापस नहीं लौटा था। इस आधार पर पुलिस ने निहाल और अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। केस पर इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी राजीव रंजन उपाध्याय और क्राइम समेत पांच टीमें लगाई गई। सीसीटीवी फुटेज और काॅल डिटेल्स के आधार पर साक्ष्य संकलन किए गए। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि निहाल और सचिन नशे के आदी थे। निहाल 8 जनवरी को सचिन को अपने घर ले गया गया। वहां निहाल, सचिन और दोस्त विनय के साथ मिलकर नशेबाजी कर रहा था। शराब और गांजा खत्म हो गया तो रात में निहाल ने सचिन से और लाने के लिए कहा। इस बात पर दोनों में विवाद हो गया। सचिन मारपीट करने लगा तो निहाल ने गुस्से में गमला उसके सिर पर मार दिया था। चोट लगने से आंगन में गिरने पर निहाल ने पैर पकड़े और विनय ने किचन से चाकू लेकर ताबड़तोड़ वारकर सचिन की हत्या कर दी थी। उसके बाद निहाल ने अपने ममेरे भाई करन वाल्मीकि को फोन कर स्कूटी लाने के लिए कहा। फिर निहाल ने विनय, करन और मां कल्पना के साथ मिलकर शव को चादर से बांधा। उसे स्कूटी पर लादा और भागीरथी एंक्लेव के पास फेंक दिया था। इस दौरान मां कल्पना ने साक्ष्य मिटाने के लिए घर से आंगन की फर्श पर पड़ा खून आदि साफ कर दिया था।
बोतल में तेल न मिलने पर स्कूटी में भरवाया, मफलर डालकर जलाया
इंस्पेक्टर ने बताया कि निहाल और विनय निलमथा पेट्रोल पंप पर पहुंचे। बोतल में तेल न मिलने पर सौ रुपये का तेल स्कूटी में भरवाया। उसके बाद दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे। विनय ने अपने मफलर को पेट्रोल टंकी में डालकर भिगोकर पहचान मिटाने के लिए शव के ऊपर डालकर जला दिया था। इस कारण शव करीब 40 प्रतिशत जल चुका था।
