हैलट अस्पताल में पूर्व डिप्टी सीएम डॉ.दिनेश शर्मा बोले- पार्षद लड़ते नहीं, बल्कि विकास के लिए अपनी बात रखते हैं 

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Published By Virendra Pandey
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कानपुर, अमृत विचार : जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में भर्ती राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अवध प्रांत के सह प्रांत प्रचारक संजय मिश्र की माता के स्वास्थ्य का हाल लेने पूर्व डिप्टी सीएम डॉ.दिनेश शर्मा पहुंचे, यहां पर उन्होंने शहर में चल रहे महापौर व पार्षदों के विवाद पर कहा कि पार्षद लड़ते नहीं हैं, बल्कि विकास व अपने अधिकार की बात रखते हैं। महापौर भी शहर के विकास के लिए ही हैं। जब दो बर्तन होते हैं, तो आपस में खटपट हो ही जाती है। यह कोई घमासान नहीं हैं। 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अवध प्रांत के सह प्रांत प्रचारक संजय जी भाई साहब की माता सरोज शर्मा का स्वाथ्य ठीक नहीं होने पर उनका इलाज हैलट अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी करने बुधवार को पूर्व डिप्टी सीएम डॉ.दिनेश शर्मा हैलट अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। उनके साथ सांसद रमेश अवस्थी, विधायक सुरेंद्र मैथानी, गुरविंदर सिंह छाबड़ा, सुरेश अवस्थी समेत अन्य लोग थे। उनके पहुंचने की जानकारी पर पूरा अस्पताल प्रशासन अलर्ट हो गया। उनके आने से पहले मुख्य मार्ग पर सफाई कराई गई। यहां पर कार से उतरते ही इमरजेंसी गए और आईसीयू के अंदर जाने के लिए ऑपरेशन का कॉस्टूयम पहना। अंदर जाकर उन्होंने माता सरोज का कुशलक्षेम जाना और मौजूद डॉक्टरों से पूछताछ की। डॉक्टरों से उनका ख्याल रखने के लिए बोला। कुछ देर रूकने और आसपास के मरीजों को देखने के बाद वह आईसीयू के बाहर आए।

 यहां पर उन्होंने बताया कि प्रचारक के साथ पूरा परिवार साथ में हैं। तभी शहर में चल रहे महापौर व पार्षद के बीच मामले पर बोलें कि दोनों पक्ष के बीच कोई घमासान नहीं चल रहा है। बस ये हैं कि जहां पर दो बर्तन होते हैं तो वह आपस में खटते हैं। क्योंकि कभी-कभी परिवार में कोई बात कहने का तरीका होता है, वह खटकता है। लेकिन वह सभी विकास के लिए एक जुट होकर खड़े हैं। शहर में सांसद रमेश अवस्थी, गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी व महापौर प्रमिला पांडेय के नेतृत्व में मिलकर अच्छा काम हो रहा है। पार्षद लड़ते नहीं है, बल्कि ये अपने काम का और अधिकार का महापौर से बात करते है और अच्छा कार्य हो इसका प्रयास करते हैं। लोकतंत्र में दोनों पक्ष अपनी बात रख सकते हैं। दोनों पक्ष में अच्छा काम करने की प्रेरणा आना जरूरी है। भाजपा में कोई छोटा या बड़ा नहीं है।

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