वैश्विक बदलावों के अनुरूप पाठ्यक्रम व तकनीकी कार्यक्रम लगातार अपडेट हों : आनंदीबेन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों से आह्वान किया है कि वे बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुसार अपने पाठ्यक्रमों एवं तकनीकी कार्यक्रमों को निरंतर अपडेट करें, ताकि विद्यार्थी ज्ञानवान होने के साथ-साथ नवोन्मेषी, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बन सकें।
उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र की प्रगति सामूहिक उत्तरदायित्व से ही संभव है। सोमवार को राज्यपाल ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (ए.के.टी.यू.) के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज का भ्रमण किया तथा बी-टेक प्रथम सत्र का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर उन्होंने स्वामी विवेकानंद जयंती पर शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विवेकानंद जी युवाओं को राष्ट्र की ऊर्जा और भविष्य मानते थे। उनका संदेश "उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको" आज भी युवाओं को प्रेरणा देता है।
राज्यपाल ने स्वच्छता अभियान, डिजिटल पेमेंट, 'एक पेड़ माँ के नाम' और 'विकसित भारत' जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी सफलता देश की एकजुट चेतना और साझा संकल्प का परिणाम है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि दिवाली को यूनेस्को से मान्यता मिलना गौरव का विषय है।
उन्होंने ए.के.टी.यू. को नैक द्वारा 'ए प्लस' ग्रेड मिलने पर बधाई देते हुए विश्वविद्यालय के शोध कार्यों की सराहना की। राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय के 378 से अधिक शोधपत्र, 10 से अधिक पेटेंट और 4,500 से अधिक साइटेशन्स मजबूत अनुसंधान संस्कृति को दर्शाते हैं।
राज्यपाल ने सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज की इलेक्ट्रॉनिक्स लैब, फिजिक्स लैब, ऑटोमेशन लैब और गूगल लैब सहित विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि अधिक से अधिक छात्रों को प्रयोगशालाओं में काम करने का अवसर मिले, ताकि वे संसाधनों का अधिकतम लाभ उठा सकें।
उन्होंने इनोवेशन हब में स्टार्टअप्स के को-वर्किंग स्पेस का भी अवलोकन किया। राज्यपाल की उपस्थिति में ए.के.टी.यू. और बेंगलुरु स्थित संस्था जेनक्स स्पेस के बीच स्पेस टेक्नोलॉजी पर आधारित एमओयू हुआ, जिसके तहत विश्वविद्यालय में स्पेस क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने, प्रशिक्षण व सहयोग की पहल की जाएगी। इस दौरान "बुंदेलखंड गार्डन" पुस्तक और पाठ्यक्रम बुकलेट का विमोचन तथा रुद्राक्ष पौधरोपण भी किया गया।
