UP: बिछोली में ग्राम प्रधान सहित पांच ग्रामीणों के मकान किए ध्वस्त, अभी कई और घर टूटेंगे
संभल, अमृत विचार। जनपद में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के अभियान के तहत बुधवार को संभल में एक बार फिर बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में बिछोली गांव में सरकारी भूमि पर बने ग्राम प्रधान के मकान समेत पांच मकानों को ध्वस्त करा दिया। अभी इमामबाड़ा सहित कई अन्य मकान प्रशासन के निशाने पर हैं। 27 बीघा सरकारी जमीन खोजने के लिए 25 राजस्व कर्मियों की टीम ने गांव में घंटों तक भूमि की पैमाइश की।
बिछोली गांव में बुधवार को राजस्व विभाग ने सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए पैमाइश का कार्यक्रम तय किया था। सुबह 10 बजे दो बुलडोजर गांव के बाहर जाकर खड़े हुए तो गांव के लोगों की समझ में आ गया कि प्रशासन की कार्रवाई पैमाइश तक सीमित नहीं है। कुछ ही देर में तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के साथ 20 लेखपाल, चार कानूनगो और एक नायब तहसीलदार की टीम गांव पहुंच गई। रैपिड रिएक्शन फोर्स के जवानों की बड़ी टुकड़ी के साथ ही पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई। दो-दो बुलडोजर लेकर प्रशासन की टीम गांव के अंदर दाखिल हुई तो अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। बुलडोजर को देखते ही कई लोग घरों से सामान निकालने लगे।
ग्राम प्रधान पति अतीक अहमद ने विरोध किया, लेकिन प्रशासन के सख्त तेवर देखकर वह पीछे हट गए। ग्राम प्रधान पति ने सामान बाहर निकालने के लिए कुछ मिनट की मोहलत मांगी । इसके बाद आनन फानन में परिवार के लोग सामान निकालने में जुट गए। सामान निकल गया तब ग्राम प्रधान के मकान पर प्रशासन का बुलडोजर गरजने लगा। जब ग्राम प्रधान का मकान गिरने लगा तो बाकी ग्रामीणों की भी हिम्मत जवाब दे गई। इस हालात में तोड़ने के लिए चिन्हित सभी पांच मकानाे में रहने वाले परिवार अपना सामान समेटने में जुट गए। प्रशासन के बुलडोजरों ने पहले ग्राम प्रधान का मकान जमींदोज किया तो उसके बाद एक-एक कर सभी चिन्हित मकानों को तोड़ना शुरु कर दिया। सवा तीन घंटे तक चली कार्रवाई में पांचों मकानों को पूरी तरह जमींदोज कर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करा दिया गया।
एक तरफ चले बुलडोजर दूसरी ओर पैमाइश
संभल,अमृत विचार: बिछोली गांव में बुधवार को प्रशासन ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए एक साथ दो मोर्चों पर कार्रवाई की। गांव के एक हिस्से में जहां सरकारी भूमि पर बने मकानों पर बुलडोजर चलता रहा, वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग की टीम ने पौने 27 बीघा सरकारी भूमि की पैमाइश की। इस दौरान 160 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर बने इमामबाड़े की भी नापजोख कर उसका नक्शा तैयार किया गया। राजस्व विभाग की टीम ने कुछ अन्य मकानों को भी चिन्हित किया है। अब इन सभी अवैध निर्माणों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में गांव में एक बार फिर बड़ा बुलडोजर एक्शन हो सकता है।
ट्रायल कोर्ट और अपीलेट कोर्ट के आदेश
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम सभा की अलग-अलग श्रेणियों की सरकारी जमीन जैसे स्कूल, पंचायत घर और खेल मैदान पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए गए थे। इन मामलों में विभिन्न न्यायालयों में मुकदमे चले, जिनमें ट्रायल कोर्ट और अपीलेट कोर्ट दोनों के आदेश आ चुके हैं। जिन मामलों में अपीलेट कोर्ट से निर्णय हो चुका है, उन पर बेदखली और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों का निस्तारण हो चुका है, उन पर हर हाल में कार्रवाई होगी और बाकी अवैध निर्माणों की भी पैमाइश कर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
ग्राम प्रधान पति बोले, जमीन खरीदी थी
ग्राम प्रधान पति अतीक अहमद ने कहा कि कोर्ट के आदेशों का वह सम्मान करते हैं। नोटिस मिलने के बाद उन्होंने अपील की थी, जो हाल ही में निरस्त हो गई है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने जमीन खरीदी थी और जिनसे खरीदी, उनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन अब न्यायालय के आदेशों का पालन किया जा रहा है। वहीं, अवैध कब्जे में बने मकान पर कार्रवाई झेल रहे मुजाहिद ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कार्रवाई हो रही है तो सभी अवैध कब्जों पर समान रूप से होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वे लोग वर्षों से यहां रह रहे हैं और अब उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
इंसेट
कब्जा मुक्त कराई जा रही जमीन
- पशुचर- 12 बीघा जमीन
- उद्यान- 8 बीघा जमीन
- खाद के गड्ढे- 4.5 बीघा जमीन
- खेल का मैदान- सवा बीघा जमीन
. स्कूल- आधा बीघा जमीन
- पंचायत घर- आधा बीघा जमीन
-कुल पौने 27 बीघा जमीन
