रामपुर: कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने निकाला बालक का शव, गेंद निकालते वक्त तालाब में गिरा था
शाहबाद, अमृत विचार। बुधवार शाम को गेंद निकालने गया आठ वर्षीय बालक तालाब में डूब गया था। रात तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद भी बालक नहीं मिल सका। गुरुवार सुबह करीब सात बजे गोताखोरों ने तलाश शुरू की। तकरीबन तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने बालक का शव ढूंढ निकाला। शव मिलते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बुधवार शाम को कोतवाली क्षेत्र के गांव मित्तरपुर निवासी हीरालाल का आठ वर्षीय बेटा दीपांशु तालाब के निकट खड़ी एक ट्राली पर चढ़कर दोस्तों के साथ खेल रहा था। खेलते समय उसकी गेंद तालाब में चली गई। गेंद निकालने के लिए वह तालाब की ओर चला गया। इस दौरान उसका पैर तालाब में चला गया। जिससे वह डूब गया। साथ खेल रहे बच्चों ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की सहायता से बालक की तलाश शुरू की।
इसके बाद एसडीएम आशुतोष कुमार, सीओ देवकीनंदन व कोतवाल संजय कुमार ने गोताखोरों को बुला लिया। देर रात तक सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। गुरुवार सुबह करीब सात बजे गोताखोरों ने तलाश शुरू की। तकरीबन तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने बालक का शव ढूंढ निकाला। शव मिलते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई।
कई बार बेहोश हुए पिता हीरालाल
बेटे के तालाब में डूबने की सूचना ने पिता को हिलाकर रख दिया। बेटे को खोने का गम पिता हीरालाल सहन नहीं कर पा रहे थे। देर रात तक दीपांशु का शव तालाब से नहीं निकाला जा सका। परिजनों ने बताया कि बेटे को याद करते-करते रात में हीरालाल कई दफा बेहोश हुए। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला।
प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को बंधाया ढांढस
घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और परिजनों को ढांढस बंधाया। बुधवार रात तक शव नहीं मिलने पर अधिकारी गांव में ही डेरा जमाए रहे। अधिकारियों ने बताया कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। साथ ही भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए तालाबों के आसपास सुरक्षा इंतजाम और अधिक सख्त किए जाएंगे। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
