बरेली: चौराहों पर ठिठुरते दिखे लोग, नहीं जले अलाव
अमृत विचार, बरेली। ठंड का सितम जारी है ऐसे में सर्द भरी रातों में विश्राम के लिए शहर में जगह-जगह अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था की जाती है। नगर निगम के दावे इस बार फिर खोखले साबित हो रहे हैं। अधिकांश जगहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है तो वहीं अस्थाई रैन …
अमृत विचार, बरेली। ठंड का सितम जारी है ऐसे में सर्द भरी रातों में विश्राम के लिए शहर में जगह-जगह अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था की जाती है। नगर निगम के दावे इस बार फिर खोखले साबित हो रहे हैं। अधिकांश जगहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है तो वहीं अस्थाई रैन बसेरों में रात्रि गुजारने के लिए 20 से 50 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। अब जिसकी जितने में बात बन जाए वह वैसे ही रात्रि बिता रहा है। नगर निगम की ओर से ठंड में की गई व्यवस्थाओं की पड़ताल जब ‘अमृत विचार’ की टीम ने की तो सारे दावे खोखले साबित हुए।
समय : शाम 7:28 बजे
स्थान : सैटेलाइट
शाम को 7 बजकर 28 मिनट पर ‘अमृत विचार’ की टीम सैटेलाइट बस अड्डे पहुंची जहां नगर निगम की ओर से जलाए गए अलाव से यात्री ठंड से बचते नजर आए। वहीं बनाए गए अस्थाई रैन बसेरे में 30 बेडों की व्यवस्था की गई है। सुपरवाइजर सुशील शर्मा ने बताया कि रैन बसेरा में रात्रि विश्राम करने वालों के लिए सैनेटाइजर, फर्स्ट एड बॉक्स आदि की भी व्यवस्था है।
समय : शाम 7:48 बजे
स्थान : जंक्शन
बरेली जंक्शन पर भी नगर निगम की ओर से अलाव की व्यवस्था की जाती है, यह दावा नगर निगम करता है। शनिवार को 4.4 डिग्री न्यूनतम तापमान होने के बाद भी जंक्शन पर कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई थी। टेंपो चालक प्रेम जावड़ा और रामबहादुर ने बताया कि इस बार अभी तक नगर निगम की ओर से अलाव के लिए लकड़ियां नहीं डाली गई हैं। लोग पेड़ों की सूखी टहनियों और कूड़ा जलाकर सर्दी भगाने की नाकाम कोशिश करते दिखाई दिए।
समय : रात 8:03 बजे
स्थान : चौकी चौराहा
शाम 8 बजकर 03 मिनट पर चौकी चौराहे पर भी नगर निगम का अलाव कहीं जलता नजर नहीं आया। रिक्शा चालक मोहनलाल ने बताया कि इस साल अभी तक यहां नगर निगम ने लकड़ियां नहीं डाली हैं। वहीं, चौराहे पर तैनात होमगार्ड ने बताया कि यहां-वहां से कूड़ा और लकड़ी आदि एकत्र कर आग जलाई थी जो अब बुझ गई है।
समय : रात 8:17 बजे
स्थान : पुराना रोडवेज बस अड्डा
यहां भी नगर निगम ने अस्थाई रैन बसेरा बनाया है। यहां 28 लोगों के विश्राम करने की व्यवस्था है। रैन बसेरे के बाहर ही अलाव भी जलता दिखाई दिया। अलाव से सर्दी भगाने की नाकाम कोशिश कर रहे लोगों ने बताया कि लकड़ियां गीली हैं जो जल कम रही हैं और धुआं अधिक कर रही हैं। वहीं, रैन बसेरे में रात्रि विश्राम के नाम पर लोगों से 20 से 50 रुपये तक लिए जा रहे हैं। यहां तैनात कर्मचारी ने बताया कि नगर निगम से यहां साफ-सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती, यह खुद हमें करानी पड़ती है। ऐसे में लोगों से सफाई के लिए 20 रुपये लिए जाते हैं।
