यूरिया कंपनी नहीं बेच पाएंगी अन्य उर्वरक, टैगिंग को लेकर सरकार ने प्रदेश में लगाया प्रतिबंध

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

यूरिया पर अनुदान पाने वाली कंपनियों को आदेश जारी

लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में अनुदान पाकर यूरिया बेचने वाली कंपनियां अन्य गैर अनुदानित उर्वरकाें की बिक्री नहीं करेंगी। सरकार ने यूरिया के साथ जबरन टैगिंग को लेकर विक्रय प्राधिकार-पत्र में अंकित अन्य गैर अनुदानित उर्वरकों की बिक्री और आपूर्ति पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया है। कृषि निदेशालय ने सभी जिलों को यह आदेश जारी कर दिया है।

दरअसल, विक्रय प्राधिकार-पत्र में अनुमति के अनुसार नामित कंपनियां यूरिया व डीएपी का उत्पादन और उनकी बिक्री करती हैं। ये किसानों को अनुदान काटकर उर्वरक बेचती हैं और अनुदान की राशि सीधे सरकार से लेती हैं।

इसके अलावा कंपनियां विक्रय प्राधिकार-पत्र के अनुमति में अंकित अन्य गैर अनुदानित उर्वरक जैसे जिंक, सल्फर, सिंगल सुपरफॉस्फेट, पोटाश आदि का उत्पादन करती हैं और इन्हें अनुदानित यूरिया व डीएपी के साथ किसानों को टैगिंग यानी जबरन बेचकर मुनाफा कमाती हैं। इससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। सबसे ज्यादा टैगिंग यूरिया में की जाती है। हर जिले में तमाम शिकायतें मिलने पर छापेमारी के दौरान टैगिंग के मामले पकड़े गए हैं।

इधर, रबी फसल में यूरिया की मांग पर टैगिंग की शिकायतें बढ़ी हैं। इसका संज्ञान लेकर सरकार ने अनुदान पर यूरिया उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के अन्य गैर अनुदानित उर्वरकों की बिक्री और आपूर्ति पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। चर्चा यह भी है कि इसी तरह डीएपी बेचने वाली कंपनियों की अन्य उर्वरक और उत्पाद की बिक्री पूर्णत: प्रतिबंधित कर दी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में संबंधित अधिकारी और फर्मों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

संबंधित समाचार