कंपनी के खातों में करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने वाला गिरफ्तार, आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी को दबोचा
मार्च 2025 में कंपनी की ऑडिट में हुआ खुलासा, तभी से चल रहा था फरार
लखनऊ, अमृत विचार: पुलिस कमिश्नरेट की आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने बीसीसी प्रा. लि. के खातों में करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने वाले जालसाज को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी कंपनी का मुख्य लेखाकार था। जिसने विश्वास का दुरुपयोग कर साजिश के तहत करोड़ों का गबन किया। वह लगातार ठिकाने बदल रहा था।
आर्थिक अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नीतीश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक 9 जुलाई 2025 को मेसर्स बीसीसी इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधि पी.एन. मेहरोत्रा ने कैसरबाग थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि कंपनी के मुख्य लेखाकार प्रवीण गर्ग ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे कंपनी के खातों में हेरफेर कर भारी रकम का गबन किया है। जांच के दौरान सामने आया कि अभियुक्त प्रवीण गर्ग 27 मार्च 2025 से अचानक कार्यालय आना बंद कर दिया था। बाद में जानकारी मिली कि वह पत्नी और बेटी के साथ वाराणसी चला गया है। जब सीए की टीम ने कंपनी का ऑडिट किया, तो खातों में भारी अनियमितताएं मिलीं। चूंकि कंपनी की दोनों डायरेक्टर महिलाएं थीं, इसलिए उन्होंने प्रवीण गर्ग पर भरोसा कर बैंक खातों के पासवर्ड और कोड उसे दे रखे थे। इसी का फायदा उठाकर उसने धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कंपनी के चेक और आरटीजीएस फॉर्म पर नाम किसी और का और खाता नंबर अपना, पत्नी अंजना गर्ग और बेटी भाव्या गर्ग का भरकर कई बैंकों में रकम ट्रांसफर की। जांच में यह भी सामने आया कि परिवार के सदस्य भी इस साजिश में शामिल थे।
वाराणसी स्थित होटल से दबोचा गया आरोपी
इंस्पेक्टर नीतीश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक लगातार फरार चल रहे आरोपी को बुधवार को वाराणसी के लंका स्थित ओजस होटल से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की कार्रवाई की जा रही है। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर धाराओं में संशोधन कर आगे की जांच जारी है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
