मुरादाबाद में टूटा ठंड का रिकार्ड, ठिठुर गए लोग

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद,अमृत विचार। मुरादाबाद में ठंड का नया रिकार्ड बना। रात में पारा चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि दिन में भी धूप से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। चारों ओर लोग ठिठुरते देखे गए और शहर के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव का प्रबंध नहीं दिखा। मौसम विज्ञान विभाग की भविष्यवाणी है कि शनिवार …

मुरादाबाद,अमृत विचार। मुरादाबाद में ठंड का नया रिकार्ड बना। रात में पारा चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि दिन में भी धूप से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। चारों ओर लोग ठिठुरते देखे गए और शहर के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव का प्रबंध नहीं दिखा।

मौसम विज्ञान विभाग की भविष्यवाणी है कि शनिवार को भी सूरज की तपिश धीमी रहेगी। ऐसा राजस्थान की ओर से आने वाली सूखी हवा के कारण हो रहा है। पहाड़ में जारी बर्फबारी से अभी मौसम के रुख में कोई बदलाव नहीं आने वाला है। शुक्रवार को लोग चारों ओर ठिठुरते दिखे। रोडवेज, रेलवे स्टेशन और जिला अस्पताल के आसपास का हाल और डरावना दिखा। दिहाड़ी मजदूर मौसम की मार के शिकार हुए। मौसम विभाग के डा.आरके सिंह का कहना है कि अभी सुबह शाम कोहरे का प्रभाव दिखेगा।

मुरादाबाद और सिलीगुड़ी देश के सबसे प्रदूषित शहर
मुरादाबाद। बेहिसाब ठंड से पर्यावरण प्रदूषण का खतरा टला है लेकिन मुरादाबाद में इसका लाभ दिख रहा है। देश के शहरों में हवा की गुणवत्ता में रोजाना सुधार हो रहा है, इस बीच शुक्रवार को मुरादाबाद और सिलीगुड़ी से प्रदूषण दूर नहीं हो पाया। दोनों शहर प्रदूषण के मामले में टाप पर रहे। जबकि देश के अन्य सभी शहरों की एक्यूआई में सुधार दिखा।

मौसम की वजह से प्रदूषण में सुधार हो रहा है। यह जरूर है कि मुरादाबाद अभी भी लाल घेरे में है। यह चितांजनक है, लेकिन लोग इस संकेत को लेकर गंभीर नहीं हैं। वाहनजनित प्रदूषण की मार पड़ रही है। उसके बाद भी नियंत्रण वाली एजेंसी भी शांत बैठी है।- विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

निगम बांट रहा दौ सौ कुंतल लकड़ी, लोग जला रहे कचरा- कूड़ा

नगर निगम दावा कर रहा है कि वह शहर के 64 स्थानों पर दो सौ कुंतल लकड़ी भेज रहा है। मगर जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन गेट और महिला अस्पताल परिसर में लोग ठंड से कांपते मिल। यहां लकड़ियों का जगह लोग कचरा जलाकर आग ताप रहे हैं। शहर में लकड़ी बांटने और अलाव के मुद्दे पर निगम के दावे फेल साबित हो रहे हैं।
शहर को इस कार्य के लिए पांच जोन में बांटा गया। पहले जोन में जिला महिला व पुरुष अस्पताल, ताड़ीखाना चौराहा, रेलवे स्टेशन, पुराना रोडवेज, नया रोडवेज, प्रभात मार्केट, गोविंद नगर है। दूसरे में प्रकाश नगर चौराहा, ज्ञानी वाली बस्ती, चौधरी चरण सिंह चौक, सर्किट हाउस से पहले, कुंदनपुर शेल्टर होम, मंडी समिति धर्म काटा, मझोला चौराहा, तीसरे में कांठ रोड, हरथला में गंगा मंदिर सहित दो शेल्टर होम, काजीपुरा, नवीन नगर, वाणिज्यकर विभाग, एक अन्य स्थान, चौथे जोन में जीआईसी चौराहा, हाथी वाला मंदिर, चामुंडा मंदिर के पास, पान का दरीबा, कंबल का ताजिया, मंडी चौक, टाउन हाल है।

पांचवे जोन में दस सराय महिला व पुरुष शेल्टर होम, जयंती सांईं धर्मशाला, शंकर मूर्ति के पास, करुला, पंडित नगला, मैनाठेर गोशाला, दस सराय कुष्ठ हिंदू आश्रम, कुष्ठ मुस्लिम आश्रम, शिवमंदिर हैं। महिला अस्पताल और जिला अस्पताल में कचरा देखा गया। यहां मनोज कुमार, धीरज सिंह ने बताया कि उनके मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। बाहर कचरा और जो जलाने योग्य मिला, उसे जलाकर रात काट रहे हैं।

नवीन नगर में भी इसी तरह स्थिति दिखी। रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर लकड़ी निगम के द्वारा डाली गई पाई गई। पर लकड़ी इस कदर थी कि उसके ठीक से न जलने की शिकायत भी लोग कर रहे थे। नगर आयुक्त संजय चौहान का कहना है कि प्रतिदिन एक स्थान पर 30 से 35 किलो लकड़ी पहुंचाई जा रही है। दो सौ कुंतल से ज्यादा लकड़ी 55 से 64 स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। नंबर भी दिए हैं, यदि नहीं पहुंच रही है तो शिकायत होनी चाहिए। अभी तक किसी की कोई शिकायत नहीं मिली है।

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