एक जनपद–एक व्यंजन योजना शुरू करने का फैसला... पारंपरिक व्यंजनों को ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग से जोड़ेगी सरकार

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ‘एक जनपद–एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रांड यूपी को मजबूती देने में जिस तरह ओडीओपी ने भूमिका निभाई है, उसी तरह अब ओडीओसी प्रदेश की पारंपरिक पाक-विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को योजना की तैयारी को लेकर समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश का हर जिला अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए। यही ओडीओसी योजना का मूल उद्देश्य है। यह पहल केवल खान-पान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान को भी नई शक्ति देगी।

बैठक में बताया गया कि प्रत्येक जिले के विशिष्ट व्यंजनों को क्यूज़ीन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए सरकार निर्माताओं को प्रोत्साहन देगी। ओडीओसी के तहत जिले के विशिष्ट रंग, प्रतीक और शैली के साथ लोगो, हर व्यंजन के साथ उसकी संस्कृति, इतिहास और विधि दर्शाने वाली प्रोडक्ट स्टोरी, फूड-ग्रेड, इको-फ्रेंडली पैकेजिंग, शेल्फ-लाइफ बढ़ाने की आधुनिक तकनीक, क्यूआर कोड, न्यूट्रिशन लेबल, बारकोड और ड्यूल-लैंग्वेज लेबलिंग को अनिवार्य किया जाएगा।

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कारीगरों और हलवाइयों को मिलेगा स्थायी रोज़गार

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ओडीओसी को ओडीओपी की तर्ज पर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, ताकि पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका मिल सके। गुणवत्ता, स्वच्छता और फूड सेफ्टी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सभी उत्पादों को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया जाएगा और जीआई टैगिंग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने युवाओं और आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए स्वाद में नवाचार और विविधता विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि योजना के तहत वैल्यू-चेन, मार्केट लिंकेज, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ एकीकरण किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए निर्यात क्षमता भी विकसित की जाएगी।

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