राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं परखेंगी ‘हर घर जल’ योजना,  लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज सहित 11 मंडलों में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया शुरू

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Published By Muskan Dixit
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स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सहभागिता व आजीविका जैसे प्रमुख संकेतकों पर होगा आकलन

लखनऊ, अमृत विचार : जल जीवन मिशन के तहत लागू ‘हर घर जल’ योजना ने ग्रामीण जीवन की दशा और दिशा दोनों में व्यापक बदलाव किया है। अब इस परिवर्तन की वास्तविक और दीर्घकालिक तस्वीर सामने लाने के लिए प्रदेश के विभिन्न मंडलों में इंपैक्ट असेसमेंट कराया जा रहा है। इस अध्ययन में केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों के साथ आईआईटी मद्रास तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं शामिल होंगी।

फिलहाल लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी सहित प्रदेश के 11 मंडलों में प्रभाव आकलन की प्रक्रिया चल रही है। इस अध्ययन के निष्कर्ष भविष्य की जल नीतियों और ग्रामीण विकास की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अनुरोध पर हो रहा यह आकलन स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सहभागिता और आजीविका जैसे संकेतकों पर केंद्रित है। इससे पहले झांसी, चित्रकूट और गोरखपुर मंडलों में कराए गए अध्ययनों में भी नल से जल की आपूर्ति का सकारात्मक सामाजिक असर दर्ज किया जा चुका है।

इन मंडलों में भी जल्द शुरू होगा आकलन 

मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मंडलों में भी शीघ्र ही केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों तथा अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्थाओं के माध्यम से इंपैक्ट असेसमेंट शुरू किया जाएगा। इसके लिए संबंधित संस्थाओं से समन्वय की प्रक्रिया जारी है।

बुंदेलखंड पर विशेष अध्ययन

बुंदेलखंड क्षेत्र में ‘हर घर जल’ योजना से सामने आए सकारात्मक नतीजों का विशेष और गहन अध्ययन आईआईटी मद्रास की टीम करेगी। जल संकट से लंबे समय तक जूझ चुके इस क्षेत्र में आए बदलावों को मॉडल स्टडी के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

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