कानपुर : राज्यपाल ने राजकीय बाल सुधार गृह का किया निरीक्षण, बालिकाओं को दी डायरी लेखन की सलाह
कानपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को कानपुर में राजकीय बाल सुधार गृह (बालिका) , स्वरूप नगर का निरीक्षण किया। उन्होंने बालिका गृह में निवासित बालिकाओं से संवाद कर शैक्षणिक, आवासीय, पोषण एवं मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं की स्थिति का फीडबैक प्राप्त किया।
राज्यपाल ने बालिकाओं को शिक्षा को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि शिक्षित और संस्कारित बेटियाँ समाज को दिशा देने का कार्य करती हैं। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से डायरी लेखन की सलाह देते हुए कहा कि इससे आत्ममूल्यांकन, अनुशासन और लक्ष्यबद्ध जीवन-शैली विकसित होती है।
राज्यपाल पटेल ने बालिकाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश देते हुए कहा कि संस्थागत देखरेख का उद्देश्य केवल संरक्षण नहीं, बल्कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त नागरिक के रूप में तैयार करना है। संवाद के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर उन्होंने आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ दिया। राज्यपाल ने राजभवन से लाई गई पुस्तकें एवं उपयोगी सामग्री बालिकाओं को भेंट की।
इस अवसर पर बालिकाओं ने भी सृजनात्मक अभिव्यक्ति के रूप में स्वयं द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स एवं स्मृति-चिह्न राज्यपाल को भेंट किए। निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर की छात्राओं से भी संवाद किया, जो बालिका गृह की बालिकाओं की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग से जुड़ी हैं।
राज्यपाल ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मानसिक परामर्श बालिकाओं के भावनात्मक संतुलन, आत्मविश्वास और पुनर्वास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। श्रीमती पटेल ने परिसर में स्थित पुस्तकालय, रसोईघर, भंडारगृह, आवासीय कक्षों सहित अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।
राजभवन से आई टीम द्वारा बालिका गृह की व्यवस्थाओं का समग्र मूल्यांकन कर रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक एवं विकासात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
