गोंडा मेडिकल कॉलेज में चूहों का वीडियो सामने आने के बाद उच्च स्तरीय कमेटी ने किया निरीक्षण, अखिलेश ने उठाया था सवाल

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Published By Deepak Mishra
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गोंडा। गोंडा जिले में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चूहों के इधर-उधर घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के एक दिन बाद उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग की एक टीम ने रविवार को संस्थान का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि यह टीम उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर पहुंची और मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में स्वच्छता, मरीज सुविधाओं और समग्र व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। 

कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें ऑर्थोपेडिक वार्ड में चूहों को ऑक्सीजन पाइपलाइन से लेकर मरीजों के बिस्तरों तक घूमते हुए देखा गया था। वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने मेडिकल कॉलेज की स्थिति पर सवाल उठाए थे। 

टीम का नेतृत्व करने वाली निदेशक (चिकित्सा देखभाल) डॉ. संदीपा श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें मेडिकल कॉलेज का दौरा करने और पूरी घटना पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। उन्होंने बताया कि रविवार को ओपीडी बंद रहने के बावजूद टीम ने ऑर्थोपेडिक वार्ड सहित अन्य वार्डों का निरीक्षण किया और मौजूदा व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी जुटाई। 

श्रीवास्तव ने कहा, "निरीक्षण के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, उन्हें संकलित किया जा रहा है और जल्द ही सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।" वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने इसका कड़ा संज्ञान लिया और संबंधित वार्ड के पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था और निर्देश दिया था कि ओपीडी सेवाओं को जल्द से जल्द नव-निर्मित बहुमंजिला इमारत में स्थानांतरित किया जाए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.एन. सिंह ने कहा कि 19 जनवरी से लगभग सभी ओपीडी सेवाएं नई इमारत से संचालित की जाएंगी। 

उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज भर्ती मरीजों के लिए "एक मरीज, एक तीमारदार" प्रणाली लागू करेगा। इस बीच, चूहों वाली घटना की जांच पूरी होने से पहले ही सोशल मीडिया पर कथित तौर पर मेडिकल कॉलेज का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें एक मरीज के बगल में बिस्तर पर तीन कुत्ते बैठे नजर आ रहे हैं। 

हालांकि दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उसी मेडिकल कॉलेज का है, लेकिन घटना के समय और वार्ड की पुष्टि नहीं हो सकी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल तिवारी ने कहा कि बिस्तरों पर कुत्तों के बैठने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है।  

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