मुरादाबाद: होली के बाद रखी जा सकती है विश्वविद्यालय की नींव
मुरादाबाद, अमृत विचार। 45 वर्षों से सरकारी विवि का इंतजार करने वालों के लिए खुशी की बात है। अब छात्र-छात्राओं को जल्द ही विश्वविद्यालय की सौगात मिल जाएगी। राज्य सरकार ने मंडल में विश्वविद्यालय का रास्ता साफ कर दिया है। शासन ने इसकी डीपीआर मांग ली है। उच्च शिक्षा अधिकारी राजेश प्रकाश सिंह ने बताया कि …
मुरादाबाद, अमृत विचार। 45 वर्षों से सरकारी विवि का इंतजार करने वालों के लिए खुशी की बात है। अब छात्र-छात्राओं को जल्द ही विश्वविद्यालय की सौगात मिल जाएगी। राज्य सरकार ने मंडल में विश्वविद्यालय का रास्ता साफ कर दिया है। शासन ने इसकी डीपीआर मांग ली है। उच्च शिक्षा अधिकारी राजेश प्रकाश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा होते ही वर्ष 2021 में होली के बाद मुरादाबाद के पॉलीटेक्निक (पुरुष) कालेज की भूमि पर सरकारी विवि की नींव रखी जा सकती है, जिसके बाद लाखों छात्र-छात्राओं की जहां दिक्कत दूर होगी तो वहीं मंडल में विश्वविद्यालय के लिए आवाज उठाने वाले आंदोलनकारियों की भी जीत होगी।
गुरुवार को दूरभाष के जरिए मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के लिए प्रस्ताव मांगा था। वहीं उन्होंने यह भी जानना चाहा था कि जो भूमि विश्वविद्यालय के लिए प्रस्तावित की गई है, वह शहरी क्षेत्र है ग्रामीण में।
उच्च शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन को विवि की सूचना से अवगत करा दिया गया है। एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर ने बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय की डिटेल्ड प्रोजक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शुक्रवार को शासन को बनाकर भेज दी गयी। एडीएम प्रशासन ने बताया कि शासन स्तर पर विवि की भूमि शहरी क्षेत्र में आती है या ग्रामीण क्षेत्र में इसको लेकर संदेह बना हुआ था। पैमाइश के बाद भूमि क्षेत्र में है इसकी पुष्टि करा दी गई है।
प्रोफेशनल कोर्स के लिए छात्रों को अब नहीं भटकना पड़ेगा
हिंदू कालेज के प्राचार्य डा. बीबी सिंह कहते हैं कि जिले में विवि बन जाने के बाद लाखों छात्रों को राहत मिलेगी। कई ऐसे कोर्स हैं जैसे बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रो बायोलाजी, बीटेक, एमबीए, बीसीए, फैशन डिजाइनिंग, डिजास्टर मैनेजमेंट और धातु अध्ययन जिनके लिए छात्रों को शहर से बाहर जाना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय की घोषणा होने के बाद कम फीस में छात्रों को अपने पंसदीदा विषय की पढ़ाई करने का अवसर मिल जाएगा और उनके अभिभावकों की भी चिंता दूर होगी।
विवि के लिए प्रस्तावित है 20 एकड़ भूमि
राजकीय पॉलिटेक्निक में 20 एकड़ भूमि विश्वविद्यालय के लिए प्रस्तावित है। जिसका ब्योरा तैयार कर जिलाधिकारी द्वारा पिछले वर्ष अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा को भेजा जा चुका है।
वर्ष 1975 में विश्वविद्यालय के लिए हुए का आंदोलन का मैं साक्षी हूं। आंदोलन में शामिल होकर विवि के लिए बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। खुशी है कि अब देर ही सही मगर जिले में विवि बनने का रास्ता साफ हो गया है। विवि बनने के बाद पीतल की पढ़ाई करने का अवसर यहां छात्रों को मिलेगा, जिससे पीतल का कारोबार और जोर शोर से चमकेगा। विशेष गुप्ता, -अध्यक्ष, राज्य बाल संरक्षण आयोग
2005 में विद्यार्थी परिषद से जुड़ने के बाद विवि के लिए कालेज प्रशासन के साथ कई बार मांग की गई। 2008 में उप्र के राज्यपाल रहे टीवी राजेश्वर को विवि बनवाने के लिए भी एबीवीपी ने ज्ञापन सौंपकर भागीदारी निभाई है। मगर अब मुख्यमंत्री ने जब विवि के मुद्दे को गंभीरता से लिया है तो विद्यार्थी परिषद में उत्साह है। -सचिन चौधरी, पूर्व प्रदेश मंत्री (एबीवीपी)
विवि की सौगात मिल जाने के बाद मुरादाबाद मंडल के लाखों छात्रों की दिक्कत दूर होगी तो वहीं जिले में रुहेलखंड से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों और प्राचार्यों को भी छोटे-छोटे कार्यों के लिए बरेली के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। -गजेंद्र चौधरी, जिलाध्यक्ष, युवा मोर्चा
मुरादाबाद में सरकारी विश्वविद्यालय को लेकर एबीवीपी ने कई बार धरना प्रदर्शन किए हैं। विद्यार्थी परिषद ने उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के सामने भी विवि का मुद्दा उठाया तो उन्होंने भी इसके जल्द बनने का आश्वासन दिया था। मगर अब मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव मांगा है तो विवि का रास्ता साफ नजर आ रहा है, जिससे विद्यार्थी परिषद में हर्ष है।
-शिवा शर्मा, विभाग संयोजक (एबीवीपी)
सरकारी विश्वविद्यालय न होने की वजह से छात्रों को निजी विवि में दाखिला लेना पड़ रहा है। कई बार परिवार के पास बजट न होने की वजह से लोन लेकर पढ़ाई पूरी करनी पढ़ती है। विवि खुलने जाने के बाद इन समस्याओं से निदान मिल जाएगा। -श्रीनाथ कौशिक, छात्र
प्रयोगात्मक परीक्षाओं के छूटने के साथ ही अन्य छोटे-छोटे कामों के लिए छात्राओं को बरेली के चक्करों से निजात मिल जाएगी। वहीं कम फीस में छात्र-छात्राओं को उनके पंसदीदा पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। -शिवांशी भारती, छात्रा
